संस्कृत के दस शिक्षकों से छिनी नौकरी

Gonda Updated Thu, 04 Oct 2012 12:00 PM IST
गोंडा। नियमों को दरकिनार कर वर्ष 2011 में जिले के पांच संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में हुई 10 शिक्षकों की नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया है। इन सभी शिक्षकों की सेवा समाप्त करते हुए कार्रवाई के लिए संबंधित विद्यालयों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। दरअसल, नियुक्ति के संबंध में शासन को कई शिकायतें प्राप्त हुई थी। शिकायतों की जांच में इसका खुलासा हुआ। उधर, जिले के सभी 25 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों की पूरी व्यवस्था की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है।
बताया जाता है कि वर्ष 2011 में देवीपाटन मंडल के तत्कालीन संयुक्त शिक्षा निदेशक ने गोंडा के श्री रामजानकी संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानीबाजार बड़गांव, श्रीराम संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसपुर, श्री रानी जामवंती कुंवरि संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धानेपुर, श्री जनता संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दिनकरपुर व भारतीय संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटराबाजार में 10 शिक्षकों की तैनाती की थी। इनका चयन मंडल स्तर पर हुआ था। बताया जाता है कि इन नियुक्तियों के संबंध में शासन को कई शिकायतें प्राप्त हुईं। इसमें नियुक्ति प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों की अनदेखी करने, विद्यालयों में उस विषय के शिक्षक की तैनाती कर दी गई, जो विषय वहां है ही नहीं, नियुक्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन नहीं करने सहित अन्य आरोप लगे। शिकायतों की जांच में माध्यमिक शिक्षा निदेशक वासुदेव यादव ने पाया कि नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई है। न सही तरीके से आरक्षण प्रक्रिया का पालन किया गया है, न ही निर्धारित अन्य व्यवस्थाओं को पूर्ण किया गया। जांच के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने मामले में जून 2011 को सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के लिए शिक्षकों के चयन संबंधी विज्ञापन को निरस्त करते हुए संपूर्ण चयन प्रक्रिया को निष्प्रभावी एवं शून्य किए जाने का निर्णय लिया है। इसके बाद जिले के संस्कृत विद्यालयोें में हुई इन शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त हो गई है। बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक शिवलाल ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक के आदेश पर वर्ष 2011 में जिले के 5 संस्कृत विद्यालयों में हुई 10 शिक्षकों की नियुक्तियों को निरस्त कर दिया गया है। सभी संबंधित संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधक/ प्रधानाचार्यों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीआईओएस ने बताया कि साथ ही जिले के सभी संस्कृत विद्यालयों की जांच के आदेश दिए गए हैं। जिनमें विद्यालय की स्थिति, मान्यता का विवरण, भूमि, भवन, कक्ष, खेल मैदान, पेयजल की स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है। यह भी देखा जाएगा कि विद्यालय की किस कक्षा में कितने बच्चे हैं, कितने आ रहे हैं, कितने शिक्षक हैं सहित अन्य की जांच की जाएगी। जांच के लिए अफसरों की टीम बना दी गई है। इस कार्रवाई के कारण संस्कृत विद्यालयों में खलबली मची हुई है।

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