बीएसए, लेखाधिकारी समेत आठ पर केस

Gonda Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
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गोंडा। फर्जी दस्तावेज तैयार कर व्यक्ति विशेष को महाशाह विसेन लघु माध्यमिक विद्यालय सुसेला तरबगंज का प्रबंधक नियुक्त करने, सरकारी धन का गबन करने के साथ ही फर्जी नियुक्तियां करने के आरोप में पूर्व बीएसए सहित आठ के खिलाफ तरबगंज थाने में जालसाजी व गबन का मुकदमा सोमवार देर रात दर्ज कराया गया है। इसमें वित्त एवं लेखाधिकारी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी और विद्यालय के प्रबंधक भी फंसे हैं। फिलहाल, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, वित्त एवं लेखाधिकारी और सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
तरबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुसेला पोस्ट किन्धौरा निवासी राजकुमारी सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि उसके पति विजय प्रताप सिंह महाशाह विसेन लघु माध्यमिक विद्यालय सुसेला तरबगंज के प्रबंधक थे। साजिश के तहत एसडीएम तरबगंज द्वारा आदेश पारित करके एक अन्य कमेटी को अधिकृत कर भानु प्रताप सिंह को विद्यालय का प्रबंधक नियुक्त कर दिया गया। इसके खिलाफ विजय प्रताप ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की। वर्ष 2005 में उच्च न्यायालय ने एसडीएम के आदेश को स्थगित कर दिया। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि विजय प्रताप पूर्व की तरह प्रबंध समिति का कार्य देखने लगे। इसी बीच 14 अगस्त 2006 को विजय प्रताप सिंह की मृत्यु हो गई। वादी मुकदमा का कहना है कि इसके बाद साधारण सभा ने सभी औपचारिकताओं को पूरा कर राजकुमारी सिंह को विद्यालय का प्रबंधक चुना। इसी बीच विद्यालय के प्रधानाचार्य चन्द्र भान सिंह ने साजिश करके कूटरचित दस्तावेज तैयार कर दोबारा भानु प्रताप सिंह को प्रबंधक बनाने का प्रयास किया। मामले में वर्ष 2008 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। राजकुमारी सिंह का आरोप है कि तत्कालीन बीएसए राघवेन्द्र वाजपेयी, वित्त एवं लेखाधिकारी राम बहाल वर्मा, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी केएम पांडेय, भानु प्रताप सिंह निवासी ग्राम केशवपुर पहड़वा थाना कोतवाली नगर, पूर्व प्रधानाचार्य चन्द्रभान सिंह निवासी ग्राम सुसेला थाना तरबगंज, विद्यालय लिपिक शेषनाथ सिंह, पदेन सदस्य अवधेश सिंह व अखिलेश गुप्ता द्वारा गलत तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार करके 22 अगस्त 2010 को नई प्रबंध समिति बनाई गई। इसमें भानु प्रताप सिंह को प्रबंधक नियुक्त कर दिया गया। आरोप है कि इन सभी ने विद्यालय के धन को गलत तरीके से आहरित करके गबन कर लिया। एक साजिश के तहत विद्यालय में तमाम फर्जी नियुक्तियां करके तथा सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। पुलिस ने तत्कालीन बीएसए सहित आठ लोगों के खिलाफ जालसाजी व गबन सहित कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। उधर, तरबगंज थानाध्यक्ष जवाहर सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कराई जा रही है। बताते चलें कि इससे पहले एक अन्य विद्यालय की प्रबंध समिति के मामले में पूर्व बीएसए एसएन सिंह सहित कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है।

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