दो माह का वेतन देने पर आगे चलेगी 176 शिक्षकों की नौकरी

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 10:27 PM IST
176 teachers' job will be done on paying two months salary
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गोंडा। बेसिक शिक्षा के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में सामग्री आपूर्ति में 96 लाख रुपये का गोलमाल हो गया। इसकी जांच हो गई और जिम्मेदारों पर कार्रवाई के आदेश भी हुआ, पर पत्रावली दबा दी गई। इसके लिए आपूर्ति करने वाली फर्म व भुगतान करने वाले जिम्मेदार हैं।
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लेकिन मामले में संविदा पर कार्य करने वाले शिक्षकों व कर्मियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। मार्च में होने वाला नवीनीकरण जुलाई तक नहीं किया गया। मानदेय भी बाधित कर दिया गया। कस्तूरबा के शिक्षकों ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया है।

शिक्षकों ने कहा कि नौकरी के नवीनीकरण के लिए दो माह का मानदेय तथा लंबित मानदेय का पांच प्रतिशत नकद की मांग की जा रही है। हालांकि पत्र में इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि यह पैसा कौन मांग कर रहा है। शिक्षकों से बात करने पर उन्होंने बताया कि नाम का खुलासा करने पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा।
जिले में 17 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। जिसमें वार्डेन, फुल टाइम टीचर, पार्ट टाइम टीचर, अनुचर सहित लेखाकार की तैनाती है। मामूली मानदेय पर जिले भर में 176 शिक्षक व कर्मी कार्यरत हैं। प्रत्येक वर्ष मार्च में शिक्षकों व कर्मियों का नवीनीकरण कर दिया जाता रहा।
लेकिन गोंडा में न तो नवीनीकरण किया गया न ही मानदेय भुगतान किया गया। यहां के 176 कर्मियों की नौकरी पर संकट बढ़ गया है। माह में ही इन कर्मियों की संविदा नवीनीकरण हो जाना चाहिए था। किसी कार्मिक का नवीनीकरण नहीं हो सका है।
ऐसे में उनकी सेवाएं प्रभावित चल रही हैं। महानिदेशक स्कूली शिक्षा के आदेश पर कर्मियों का मानदेय जारी नहीं किया गया। विभाग में अधिकारियों के बीच चल रहे विवाद का सीधा असर कर्मियों की सेवाओं पर पड़ रहा है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों के कर्मियों का मानदेय निश्चित है। महानिदेशक स्कूली शिक्षा ने जून तक के मानदेय के लिए स्पष्ट आदेश जारी कर रखा है। 20 जुलाई तक मानदेय जारी करके रिपोर्ट मांगी थी।
इसके बाद भी मानदेय न देना चौंकाने वाला है। स्कूल की वार्डेन को 27500 रूपए, फुल टाइम टीचर को 22 हजार रुपये, पार्ट टाइम टीचर को 9800 रुपये, लेखाकार को 11 हजार रुपये, मुख्य रसोइया को 6900 रुपये, चपरासी को 5750 रुपये और सहायक रसोइया को 5175 रुपये महीने में मिलता है। इसके भुगतान न होने से कर्मियों को दिक्कत आ रही है। जिले में माह अप्रैल तक के ही मानदेय का भुगतान किया गया है।
कमिश्नर कोर्ट के अधिवक्ता राकेश तिवारी व शिक्षकों ने सामूहिक रूप से सीएम, महानिदेशक स्कूली शिक्षा, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सहित अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर आरोप लगाए हैं।
पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि जिम्मेदार लोग शिक्षकों की नौकरी को नियमित संचालित करने के लिए तभी नवीनीकरण करेंगे, जब सभी लोग दो माह का मानदेय तथा बकाया मानदेय का पांच प्रतिशत अग्रिम भुगतान करें।

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