टेढ़ी नदी को संवारने को नदी उद्धार अभियान

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Sun, 25 Nov 2018 10:31 PM IST
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चारों नदियों को जीवनदायिनी बनाने की पहल
गोंडा। जिले की नदियों को संवारने की पहल ग्राम्य विकास विभाग ने शुरू की है। जिले के भीतर की सरयू, मनवर, बिसुही व टेढ़ी नदी में पहले टेढ़ी नदी के जीर्णोद्धार की योजना बनाई गई है।
अभियान की सफलता के बाद अन्य नदियों के लिए अभियान चलेगा। पहले चरण में टेढ़ी नदी के लिए करीब छह करोड़ की कार्ययोजना सरयू ड्रेनेज खंड ने तैयार की है।

टेढ़ी नदी के विकास के लिए ग्राम्य विकास विभाग ने सरयू ड्रेनेज खंड को प्रोजेक्ट बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। करीब 135 पंचायतों से होकर गुजरने वाली टेढ़ी नदी के विकास का कार्य पंचायतें ही कराएंगी।

जरूरत पड़ने पर क्षेत्र पंचायतों को भी शामिल किया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट में गांव के मनरेगा मजदूरों को रोजगार भी देना है, इससे प्रोजेक्ट में अधिक कार्य श्रम से संबंधित ही खर्च होगा।

करीब दो करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। इसके अलावा पौधरोपण पर भी खर्च होगा। नदियों के दोनों तरफ आवागमन के लिए पटरी बनेगी। इससे गांवों को भी एक दूसरे से जोड़ा जाएगा।

तीन तहसील क्षेत्रों में निकली है टेढ़ी

बहराइच से निकली टेढ़ी नदी जिले में कटरा बाजार के कटुआनाला गांव में प्रवेश करती है। यह बहराइच के भग्गड़वा से पुन: वापस होते हुए कटरा बाजार ब्लाक क्षेत्र, सदर तहसील क्षेत्र के कटहा घाट होते हुए तरबगंज तहसील क्षेत्र से प्रवाहित हो रही है।

टेढ़ी नदी नवाबगंज से होते हुए चौखड़िया घाट से अयोध्या में जाकर सरयू में मिलती है। यह नदी जिले की जीवनदायिनी है परंतु अधिकांश जगहों पर छिछली होने के कारण इसमें सिल्ट का जमाव हो गया है। इससे नदी गर्मियों में कई जगहों पर सूख जाती है। यह नदी करीब 135 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरती है।

नदियां होंगी गहरी और नदी की होगी सफाई
गोंडा। नदी को मजदूरों से सफाई होगी। इसके अलावा उन्हें गहरा किया जाएगा। नदी की सफाई के साथ ही नदी में जहां सिल्ट है वहां सफाई होगी और आवश्यकता पड़ने पर खोदाई भी होगी। यह सारा कार्य मनरेगा से किया जाएगा। इससे नदी का उद्घार भी होगा और श्रमिकों को कार्य के साथ धनराशि भी मिलेगी।

नदियों के किनारे पोधों से फैलाएंगे हरियाली
गोंडा। नदियों की पटरियों को सुरक्षित करने के लिए दोनों तरफ पौधे रोपे जाएंगे। इससे हरियाली तो आएगी ही नदियों में कटान नहीं होगी। बरसात में नदियों में कटान होने से खेतों की मिट्टी नदी में समाहित हो जाती है। इसी मिट्टी को निकाल कर नदी के किनारे पटरी बनाई जाएगी और इसपे पौधरोपण कराया जाएगा। इसमें वन विभाग की मदद ली जाएगी।

नदियों के लिए तैयार किए गए प्रोजेक्ट को शासन में प्रस्तुत किया गया है। शुक्रवार को ग्राम्य विकास विभाग की मीटिंग में पूरे अभियान की जानकारी दी गई है। नदियां जीवनदायिनी हैं और उनके अस्तित्व को लेकर अभियान शुरू किया जा रहा है। कार्य पंचायतों से ही होगा। प्रोजेक्ट सरयू ड्रेनेज खंड तैयार करेगा।
-अशोक कुमार मुख्य विकास अधिकारी
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