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मुख्तार को सजा देने पर न्यायपालिका का आभार: पूर्व विधायक कृष्णानंद के पुत्र ने कहा- अब हमें भी मिलेगा इंसाफ

अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 22 Sep 2022 09:03 PM IST
सार

माफिया मुख्तार अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जेलर को धमकाने के मामले में सात साल की सजा से दंडित किया है। इसे लेकर पूर्व भाजपा विधायक कृष्णानंद राय के पुत्र पीयूष राय ने न्यायपालिका का आभार जताया है।

पूर्व भाजपा विधायक कृष्णानंद राय के पुत्र पीयूष राय
पूर्व भाजपा विधायक कृष्णानंद राय के पुत्र पीयूष राय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हाईकोर्ट से मुख्तार अंसारी को हुई सजा का पूर्व भाजपा विधायक कृष्णानंद राय के पुत्र पीयूष राय ने स्वागत किया है। साथ ही न्यायपालिका पर अटूट भरोसा जताया है। गुरुवार को गाजीपुर स्थित आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि फैसला बेहद महत्वपूर्ण है। कई दशक से आतंक का पर्याय बने अपराधी को सजा मिली है।



पूर्व की सरकारों की मदद से मुख्तार अंसारी संगीन घटनाओं को अंजाम देता रहा है। उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत और सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा कि मुझे और मेरे परिवार को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। हमें उम्मीद और भरोसा है कि फैसला हमारे हक में आएगा और इंसाफ मिलेगा।

जल्द ही यूपी से अपराध का अंत होगा

पीयूष राय ने कहा कि उस समय सपा और बसपा सरकार मुख्तार अंसारी को संरक्षण दे रही थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है और हमें विश्वास है जल्द ही यूपी से अपराध का अंत हो जाएगा।

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 2003 में जिला जेल, लखनऊ के जेलर को धमकाने के मामले में माफिया मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उसे सात साल की सजा और 37 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। यह पहली बार है कि मुख्तार को किसी आपराधिक मामले में दोषी करार दिया गया है।

मुख्तार पर 55 से अधिक मुकदमे 

माफिया मुख्तार को पिछले साल बांदा जेल में शिफ्ट किया गया। इससे पहले वह पंजाब के रोपड़ जेल में बंद था। मुख्तार अंसारी पर 55 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें 40 उसके गृह जनपद गाजीपुर के एक ही थाने में दर्ज है। मुख्तार पर पूर्व भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के अलावा दंगा भड़काने, हत्या, डकैती, रंगदारी, अपहरण जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। अधिकांश मुकदमों में ट्रायल चल रहा है।

सांसद अफजाल अंसारी।
सांसद अफजाल अंसारी। - फोटो : अमर उजाला।
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम/ एमपी एमएलए कोर्ट रामसुध सिंह की अदालत ने 14 वर्ष पूर्व गैंगस्टर एक्ट के मामले में बुधवार को सांसद अफजाल अंसारी की अर्जी खारिज कर दी। साथ ही आरोप तय करने के लिए 23 सितंबर तिथि नियत की है। आदेश दिया है कि सांसद व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित रहे, नहीं तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होगा।

मालूम हो कि सांसद अफजाल अंसारी द्वारा दिए गए आरोप मुक्त करने संबंधित प्रार्थना पत्र को न्यायालय ने खारिज कर दिया था और आरोप तय करने के लिए बीते छह सितंबर की तिथि नियत की थी। इधर आरोपी ने उक्त आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय में निगरानी दाखिल कर समय की मांग की गई थी, जिस पर न्यायालय ने 21 सितंबर की तिथि नियत की थी।

22 नवंबर 2007 को मुहम्मदाबाद पुलिस ने भांवरकोल और वाराणसी के मामले को गैंग चार्ट में शामिल करते हुए गिरोह अधिनियम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में सांसद अफजाल अंसारी जमानत पर है।
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