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लाल निशान से एक मीटर नीचे बह रही हैं गंगा

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Mon, 19 Aug 2019 11:36 PM IST
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गाजीपुर। जिले की प्रमुख नदी गंगा में शनिवार को भी जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही। हालांकि पहले की अपेक्षा इसकी रफ्तार में कमी आई है लेकिन जिले के तटवर्ती इलाकों के हालात ठीक नहीं है। गंगा का जल स्तर शाम छह बजे तक 61.820 मीटर पर पहुंच गया। जिले में खतरे का बिंदु 63.105 मीटर है। गंगा का जलस्तर सुबह छह सेंटीमीटर प्रतिघंटा और शाम को चार सेंटीमीटर प्रतिघंटा दर्ज किया गया। गंगा में बढ़ाव से तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है। पानी कई गांवों के करीब पहुंचने लगा है। करंडा, गाजीपुर, मुहम्मदाबाद, भांवरकोल आदि इलाकों में कटान भी हो रहा है। अधिकतर लोग अपना सामान समेटने लगे हैं। अनुमान है कि अगर जलस्तर अभी और बढ़ा तो गंगा रौद्र रूप धारण कर सकती हैं। गोमती भी बढ़ाव पर है जिससे कई गांव पानी से घिरे हुए हैं। जिले की अन्य छोटी नदियां भी उफान पर आ गई हैं।
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जिले के सात में से पांच तहसीलों का अधिकांश भू-भाग गंगा नदी से घिरा हुआ है। करीब 12 सौ गांव गंगा के किनारे ही आबाद हैं। इसके अलावा जिले में छोटी-बड़ी आठ नदियां भी गुजरती हैं। हाल ही में हुई तेज बारिश और उत्तरांचल में बादल फटने के बाद दो दिन से गंगा के जलस्तर में तेज बढ़ाव हो रहा है। शुक्रवार को बढ़ाव का क्रम आठ सेमी प्रति घंटा बना हुआ था। शनिवार को रफ्तार में थोड़ी कमी जरूर आई है लेकिन जलस्तर बढ़ने से पानी तटवर्ती गांवों के करीब पहुंचने लगा है। हालांकि गंगा अभी लाल निशान से करीब डेढ़ मीटर नीचे है फिर भी तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। शहर के ददरीघाट में भी पानी ऊपर तक आ गया है। सीढ़ियां डूब गई हैं। करंडा के सोकनी, पुरैना, जैतपुरा, कुर्था आदि गांवों के पास पानी पहुंच गया है जिससे लोगों में दहशत है।
अराजीगंज, रामतवक्का, शादी भादी, औड़िहार, गोपालपुर, टोडरपुर, फुलवारी, रामपुर मंझरिया आदि गांवों के करीब पानी पहुंच गया है। अधिकतर लोग अपना बोरिया बिस्तर समेटने लगे हैं। इसी प्रकार गोमती के बढ़ाव से भी दर्जन भर गांव पानी से घिर गए हैं। खरौना, हथौड़ा, कुंसही, मड़ही, पटना, सिधौना, अमेहता, गोरखा, गौरी, तेतारपुर आदि गांवों के लोगों की नींद उड़ी हुई है। इसी प्रकार जिले की अन्य नदियों में भी तेजी आई है। बेसो, टौंस नदियों में भी बढ़ाव की खबर मिली है। सिधागरघाट में टौंस की वजह से कई गांव पानी से घिर जाते हैं। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी हसनैन ने बताया कि शनिवार से बढ़ाव का क्रम थोड़ा कम जरुर हुआ है। आगे भी तेजी बने रहने की संभावना है।
गाजीपुर। गंगा, गोमती सहित अन्य नदियों में बढ़ाव की खबर के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी के बालाजी ने मातहतों को गांवों की स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया है। तहसीलदार, लेखपाल आदि भ्रमणशील बने हुए हैं। बाढ़ कैंप और चौकियों में सुविधाएं पहुंचाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रशासन ने गंगा के तटवर्ती गांव के लोगों से सुरक्षित जगहों की तलाश में जुटने को कहा है।
नौका संचालन पर रोक
सुहवल। गंगा के जलस्तर में बढ़ाव को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से जिले भर के घाटों पर नौकाओं के संचालन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई है। इसके लिए नाविकों को सख्त हिदायत दी गई है। अगर किसी ने भी आदेश का उल्लंघन किया तो नाव को जब्त कर संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपजिलाधिकारी जमानिया रमेश मौर्या ने नाविकों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है।
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