विज्ञापन

जीवनशक्ति के लिए शक्तिस्वरूपा की आराधना

ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर Updated Fri, 20 Mar 2015 11:37 PM IST
Divine Worship of devi durga
ख़बर सुनें
आज से वासंतिक नवरात्र शुरू हो रहा है। इस बार आठ दिनों तक चलने वाले नवरात्र में देवी के पूजन-अर्चन की तैयारियां शुक्रवार को जोरों पर रही। आज अधिकांश घरों में कलश की स्थापना की जाएगी, वहीं जिले के प्रमुख सहित अन्य देवी मंदिरों में आस्था का बयार बहेगी। नवरात्र भर गहमर स्थित मां कामाख्या धाम, करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरी भवानी, दिलदारनगर स्थित शायर माता, रेवतीपुर स्थित मां भगवती मंदिर के साथ ही शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य देवी मंदिरों में श्रद्धालु्ओं की भीड़ उमड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


गहमर- मां कामाख्या धाम
एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर स्थित आदि शक्ति मां कामाख्या धाम पूर्वांचल के लोगों के आस्था एवं विश्वास का केंद्र है। शक्तिपीठों में अलग महत्व रखने वाला यह धाम अपने आप में तमाम पौराणिक इतिहास समेटे हुए है। कहां जाता है कि यहां जमदग्नि, विश्वामित्र सरीखे ऋषि-मुनियों का सत्संग समागम हुआ करता था।

विश्वमित्र ने यहां एक महायज्ञ भी किया था। मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने यही से आगे बढ़कर बक्सर में ताड़का नामक राक्षसी का वध किया था। मंदिर की स्थापना के बारे में कहां जाता है कि पूर्व काल में फतेहपुर सिकरी में सिकरवार राजकुल पितामह खाबड़ जी महाराज ने कामगिरी पर्वत पर जाकर मां कामाख्या देवी की घोर तपस्या की थी और उनकी तपस्या से प्रसन्न मां कामाख्या ने कालांतर तक सिकरवार वंश की रक्षा करने का वरदान दिया था।


करीमुद्दीनपुर- मां कष्टहरणी भवानी
मां कष्टहरणी भवानी का मंदिर आज भी लोगों के आस्था एवं विश्वास का केंद्र बना हुआ है। मां का दरबार गाजीपुर-मुहम्मदाबाद, चितबड़ागांव-बलिया मार्ग करीमुद्दीनपुर थाने के पास स्थित है। किवदंतियों के अनुसार द्वापर युग में पांडव अज्ञातवास के दौरान कुल गुरु धौम्य ऋषि एवं राजा युधिष्ठिर तथा द्रोपदी के साथ यहां आए थे और मां का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद लिया था।

एक अन्य कथा के अनुसार लगभग चार सौ वर्ष पहले अघोरेश्वर बाबा कीनाराम की विनती और पूजा से प्रसन्न होकर मां भगवती कष्टहरणी ने स्वयं कीनाराम को प्रसाद प्रदान कर पहली सिद्धि से परिपूर्ण किया था। श्री राम- लक्ष्मण तथा विश्वामित्र ने बक्सर जाते समय यहां विश्राम किया था।

रेवतीपुर- भगवती माई
जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर रेवतीपुर स्थित भगवती मां का मंदिर लोगों के आस्था एवं विश्वास का केंद्र है। वासंतिक एवं शारदीय में पूरे नौ दिन दर्शन-पूजन के लिए मंदिर में भक्तों का रेला उमड़ता है। सुबह से ही दर्शन-पूजन का जो सिलसिला शुरु होता है, वह देर शाम तक जारी रहता है।

पूरे नवरात्रभर मंदिर परिसर में मां का जयकारा गूंजता है। अखंड दीप जलाया जाता है। गांव के बीचो-बीच स्थापित मां के मंदिर में जिले सहित अन्य जनपदों के भक्त भी मत्था टेकने आते है। मन्नतें पूरी होने पर मां को विशेष प्रकार का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि गांव के बीच में स्थापित मां लोगों की रक्षा करती है। पूरे नवरात्र भर मंदिर के आसपास मेला लगता है।


दिलदारनगर- सायर माता मंदिर
पूर्व मध्य रेलवे दानापुर मंडल के दिलदारनगर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर-4 और 3 के मध्य स्थित सायर माता का मंदिर वर्षों से लोगों के आस्था का केंद्र है। जनश्रुतियों के अनुसार अनुमानत: 1875-80 में अंग्रेज इंजीनियर ने पटरी बिछाने के लिए जंगल-झाड़ को साफ करने का आदेश अपने मातहतों को दिया।

 इस दौरान जब मजदूरों ने एक नीम का पेड़ काटने का प्रयास किया तो उसके तने से खून जैसा बहता देख मजदूर घबरा गए और पेड़ काटना छोड़ दिया। बाद में इंजीनियर ने विश्वासपात्र मजदूरों से पेड़ कटवा दिया। कहते हैं के इसके बाद अचानक उसके इकलौते पुत्र की मौत हो गई। इसके बाद जब पटरी बिछाई जाती थी, वह अपने हट जाती था। आखिरकार 1930 चौरा की साफ-सफाई कर महंत जमुना यादव ने मंदिर का निर्माण करवाया। मुरादे पूरी होने पर भक्त मां के घंटा चढ़ाते है।

Recommended

समस्त भौतिक सुखों की प्राप्ति हेतु शिवरात्रि पर ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में करवाएं विशेष शिव पूजा
ज्योतिष समाधान

समस्त भौतिक सुखों की प्राप्ति हेतु शिवरात्रि पर ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में करवाएं विशेष शिव पूजा

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Ghazipur

जाम में फंसा शहर और गांव, घंटों तडफड़ाते रहे लोग

जाम में फंसा शहर और गांव, घंटों तडफड़ाते रहे लोग

20 फरवरी 2019

विज्ञापन

आगरा के शहीद के घर पैदा हुआ बेटा, मां ने कहा देश की करेगा सेवा

पुलवामा हमले के बाद देश गमगीन है। शहीदों के परिजनों में आक्रोश है। एक ऐसे ही देश के लिए शहीद के घर बेटा पैदा हुआ है। बेटे के जन्म पर मां का कहना है पिता की तरह बेटा भी देश की सेवा करेगा।

20 फरवरी 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree