सदर परियोजना में पंजीरी के नाम पर लाखों का खेल

Ghazipur Updated Mon, 24 Dec 2012 05:30 AM IST
गाजीपुर। बाल विकास परियोजना कार्यालय सदर से नौनिहालों के लिए आवंटित पंजीरी में खेल का खुलासा हुआ है। लाखों रुपये की पंजीरी की बोरी में परियोजना में तैनात बाबू ने उसे खुले बाजार में बेच दिया। इसका खुलासा सीडीपीओ ने जब डीपीओ को पत्र भेजकर किया तो विभाग में खलबली मच गई। अब शासन स्तर से जांच बैठा दी गई है। आरोपित बाबू का हमीरपुर हुआ स्थानांतरण जुगाड़ के चलते निरस्त कर दिया गया है। हालांकि निदेशक शंभूनाथ ने साफ किया है कि दोषी बाबू की जांच करा कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सदर विकास खंड की बाल विकास परियोजना के अंतर्गत 196 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर लगभग 16 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें छह वर्ष तक के बच्चे शामिल हैं। देखा जाए तो अधिकांश केंद्रों पर 40 बच्चों का पंजीकरण कराया गया है। इन बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए 17 सौ बोरी पंजीरी का आवंटन निदेशालय से किया गया है। सदर में दो बाबुओं को तैनात किया गया। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के सापेक्ष पंजीरी की बोरी आवंटित की गई है।
एक बोरी में 25 किलो पंजीरी आती है। इसी बीच किसी ने सदर की सीडीपीओ से शिकायत किया कि स्टोर बाबू ने छह सौ से अधिक पंजीरी की बोरी खुले बाजार में बेच दी है। इसके बाद जब डीपीओ कार्यालय से चालान निकाला गया तो शिकायत सही पाई गई। स्टोर देखने वाले बाबू ने केंद्रों को आवंटित पंजीरी ही घटा दी थी। उसने मुख्य सेविकाओं को मौखिक बताया कि इस माह संबंधित आंगनबाड़ी को इतनी पंजीरी ही मिलेगी। सदर में पंजीरी घोटाले का खुलासा होने से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। आनन-फानन में सीडीपीओ ने रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए डीपीओ के पास भेज दिया। पहले तो इस मामले को दबाने की कोशिश की गई। जब बात नहीं बनी तो डीपीओ ने शासन को पत्र जारी कर सदर परियोजना में हुए पंजीरी घोटाले की जानकारी दी। इसके बाद शासन ने आरोपित बाबू का स्थानांतरण हमीरपुर जिले के लिए कर दिया। यहां से संबंधित बाबू को रिलीव भी कर दिया गया था लेकिन वह अक्सर यहीं पर दिखाई देता था। अब बाबू का स्थानांतरण निरस्त कर दिया गया है। डीपीओ ने उसे मनिहारी परियोजना में नई तैनाती भी दे दी है।
इधर शासन ने पहले डीपीओ को जांच करने का निर्देश दिया, जब डीपीओ ने इंकार कर दिया तो निदेशक ने निदेशालय के दूसरे अधिकारी को जांच सौंप दी।डीपीओ इंदूबाला श्रीवास्तव ने बताया कि सदर परियोजना से पंजीरी में गबन की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई थी। शासन स्तर से पूरे मामले की जांच चल रही है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी पुलिस भर्ती को लेकर युवाओं में जोश, पहले ही दिन रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन

यूपी पुलिस में 22 जनवरी से शुरू हुआ फॉर्म भरने का सिलसिला पहले दिन रिकॉर्ड नंबरों तक पहुंच गया।

23 जनवरी 2018

Related Videos

कोहरे ने लगाया ऐसा ब्रेक, एक के बाद एक भिड़ीं कई गाड़ियां

वाराणसी-इलाहाबाद राजमार्ग पर गुरुवार को घने कोहरे के बीच दो एक सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम होने पर एक के बाद एक चार गाड़ियां एक-दूसरे से टकरा गईं। इस हादसे में चार लोगों के घायल होने की भी खबर है।

21 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper