स्वतंत्रता सेनानी शिवशंकर यादव नहीं रहे

Ghazipur Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
कासिमाबाद। जिले के वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी, कांग्रेस नेता तथा पूर्व विधायक शिवशंकर यादव का बुधवार को बूूढ़नपुर गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर सुबह आठ बजे निधन हो गया। वह 106 वर्ष के थे। निधन का समाचार मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। इनका अंतिम संस्कार उनकी इच्छा के अनुसार बूढ़नपुर गांव में ही शुक्रवार को सिलीगुड़ी से उनके कर्नल पुत्र के आने के बाद किया जाएगा।
श्री यादव ने 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बड़ी सक्रिय भूमिका निभाई थी। इन्होंने 15 अगस्त को सरजू पांडेय के साथ मिलकर कासिमाबाद थाने को फूं क दिया था। आजादी के सैकड़ों दीवानों के साथ अंग्रेजों की लाठियों और गोलियों की परवाह किए बिना यहां तिरंगा फहराया था। इस आंदोलन के बाद अंग्रेजी हूकूमत ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। चार साल तक वह कैद में कड़ी यातना सहते रहे। देश के आजाद होने के बाद वह गंवई राजनीति में पूरी तरह से मशगूल हो गए। तीन बार वह निर्विरोध सरपंच बने रहे। इस दौरान उन्होंने गांवों के विकास में कई प्रकार की भूमिकाएं निभाई। 1969 में वह जहूराबाद विधान सभा से पहली बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए। विधायक रहते हुए इन्होंने क्षेत्र की गरीबी और अशिक्षा के मुद्दे को जोरशोर से उठाया। इसके बाद वह अगला चुनाव तो लड़े थे लेकिन सदन में नहीं पहुंच पाए। इसके बाद इन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया तथा गांव में ही रह कर कांग्रेसी उम्मीदवारों का समर्थन करते रहे। इनके निधन का समाचार मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। कई शिक्षण संस्थाओं ने शोकसभा कर विद्यालयों को बंद कर दिया। वहीं क्षेत्र के राजनीतिक दलों के वरिष्ठ लोगों ने उनके आवास पर पहुंच कर शोक संवेदना जताया।

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