रात भर कोतवाली में ठिठुरती रहीं महिलाएं

Ghazipur Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
गाजीपुर। थानों पर पीड़ितों की सुनवाई हो और पुलिस त्वरित कार्रवाई करे। यह फरमान शासन-प्रशासन की ओर से भले ही दिया जा रहा हो लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। विकास भवन में चार दिनों से आंदोलनरत रसोइया संघ की महिलाएं जब शनिवार की रात शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंचीं तो पुलिस ने अपनी ही मनमानी की। कोतवाल ने कोतवाली का गेट बंद करा दिया। ऐसे में पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव के नेतृत्व में महिलाएं कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गईं। खुले आसमान में जमीन पर महिलाएं तीन बजे तक बैठी रहीं। बाद में मुकदमा दर्ज किए जाने के आश्वासन पर महिलाएं विकास भवन में लौट आईं।
नौ सूत्री मांगों को लेकर पिछले चार दिनों से रसोइया संघ की महिलाएं आंदोलनरत हैं। आंदोलन के दूसरे दिन बेसिक विभाग में उनका अधिकारियों से विवाद हो गया। इसके बाद महिलाओें ने डिप्टी बीएसए सहित कई कर्मियों की पिटाई की। अधिकारियों की ओर से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। मारपीट की घटना में आधा दर्जन महिलाएं जख्मी हो गईं थीं। संघ की अध्यक्ष सुगंती देवी ने मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों से बीएसए, डिप्टी बीएसए तथा एमडीएम प्रभारी पर बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए साजिशन मारपीट कराने का आरोप लगाया था। यही नहीं शनिवार की देर शाम संघ की ओर से कोतवाली पुलिस को बेसिक शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ तहरीर भी दी, जिसमें मारपीट, चैन छीनने सहित बदसलूकी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। मुकदमा दर्ज नहीं होने पर देर रात संघ की संरक्षक एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव के नेतृत्व में करीब ढाई सौ आंदोलनरत महिलाएं कोतवाली में धमक पड़ीं। वह कोतवाली के अंदर दाखिल करने की कोशिश कर ही रहीं थीं कि पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इसी बीच कोतवाल संतलाल यादव ने अंदर से ही कोतवाली का गेट बंद करा दिया। इस पर महिलाएं नारेबाजी करने लगीं। पूर्व ब्लाक प्रमुख ने कोतवाल से काफी देर तक जिच की। उनका कहना था कि एक पक्षीय कार्रवाई कतई उचित नहीं है। महिलाओं की तहरीर पर भी मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच की जाए। कोतवाल ने कहा कि अधिकारियों का आदेश मिलने पर ही रिपोर्ट लिखी जाएगी। पूर्व ब्लाक प्रमुख का कहना था कि कोतवाली का गेट बंद कराना, उचित नहीं है। लेकिन कोतवाल अपनी ही राग अलापते रहे। ऐसे में महिलाएं कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गईं। उनकी जिद पर देर रात सदर एसडीएम कोतवाली पहुंचे। इसके बाद पूर्व ब्लाक प्रमुख और संघ की अध्यक्ष सुगंती देवी के साथ उनकी वार्ता शुरू हुई जो तीन बजे तक चली। पूर्व ब्लाक प्रमुख ने बताया कि उन्हें आश्वासन दिया गया कि रविवार को मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा। इस पर वह महिलाओं को लेकर विकास भवन लौट आईं। कोतवाली में धरना देने वाली महिलाओं में पूर्व ब्लाक प्रमुख, संघ की अध्यक्ष, सुरमती देवी गीता, मुन्नी, लालमुनि, राजकुमारी, सीमा, सोनिया, कुसुम, कौशल्या, ललिता, भगवती, माया देवी, कबूतरी, शकुंतला, देवी आदि शामिल थीं।

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