यातायात माह का अभियान जिले में फुस्स

Ghazipur Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। यातायात माह का शोर, सड़कों पर वाहनों की चेकिंग के बीच जिले की सड़कें बेकसूरों के खून से लाल हो गईं। पिछले 17 दिन में जिले के विभिन्न हिस्सों में हुए भयंकर सड़क हादसों में 10 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी लेकिन जनजागरूकता तथा चालकों को ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाने तथा नियम का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के नाम पर महज खानापूर्ति ही की गई। यही वजह है कि यातायात माह में सड़क हादसों का सिलसिला बदस्तूर जारी है और यातायात पुलिस को इसकी तनिक भी परवाह नहीं है।
वैसे तो सड़कों पर डग्गामार वाहन, ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रक, जुगाड़ गाड़ी बेखौफ होकर दौड़ते हैं लेकिन नवंबर माह को पुलिस यातायात माह के रूप में मनाती है और इस माह में एमवी एक्ट के नियमों का सख्ती के साथ पालन कराने का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है। ताकि सड़क हादसों का ग्राफ कम हो और हर कोई चालक यातायात नियमों का पालन करने को बाध्य हो सके। इस बार भी एक नवंबर से यातायात माह की शुरूआत की गई है। इसके लिए पुलिस महानिदेशक की ओर से आदेश जारी कर नियम विरुद्ध सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ धर-पकड़ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का फरमान जारी किया गया था लेकिन 17 दिनों में यह आदेश हवाहवाई ही साबित हुआ है। एक से 17 नवंबर तक जिले के विभिन्न हिस्सों में हुए सड़क हादसों पर गौर करें तो साफ जाहिर होता है कि इस यातायात माह में ट्रैफिक पुलिस ने अपनी जिम्मेदारियों का किस कदर निर्वहन किया है। सात नवंबर 2012 को यातायात माह के दौरान पहली सड़क दुर्घटना मुहम्मदाबाद के रघुवरगंज चट्टी पर हुई। यहां अनियंत्रित सूमो ने साइकिल सवार सुभाष लाल की जान ले ली। इसके अगले दिन आठ नवंबर को करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव के पास कमांडर जीप पलटने से पांच वर्षीय छात्रा अंशिका को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। यह कमांडर जीप स्कूल की थी और उस पर नंबर प्लेट तक नहीं था लेकिन पुलिस ने कमांडर जीप तथा आरोपी चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। 10 नवंबर को मुहम्मदाबाद के हरिबल्लभपुर गांव के पास स्कार्पियो के धक्के से कबीरपुर कला गांव निवासी शमशाद और संजय चौधरी को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसके अगले दिन ही 11 नवंबर को बहरियाबाद के हिंगनपुर गांव में पोखरी में ट्रैक्टर पलटने से राजनाथ यादव, अंकित यादव तथा वीरेंद्र चौहान की एक साथ मौत हो गई। इस हादसे ने क्षेत्र के लोगों को हिलाकर रख दिया लेकिन पुलिस की आंख नहीं खुली। 14 नवंबर को जंगीपुर थाना क्षेत्र के शेखपुरा गांव के पास मिनी बस ने किराना कारोबारी भुआली गुप्ता तथा प्यारेलाल गुप्ता को मौत की नींद सुला दिया। दोनों मऊ से तकादा करके बाइक से घर आ रहे थे। सड़क पर खूनी खेल यहीं नहीं थमा। 15 नवंबर की रात को सदर कोतवाली क्षेत्र के आदर्श बाजार में पशु व्यापारी मकबूल आलम की मौत हो गई। पुलिस ने मौत का कारण सड़क दुर्घटना बताया है। ऐसे में इन मौतों से यातायात माह का यह अभियान सवालों के घेरे में आ गया है और यातायात पुलिस की मुहिम फुस्स हो कर रह गई है।

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