दबा दी चहेते केंद्रों की सूची

Ghazipur Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। वर्ष 2011-12 में आयोजित हुई बोर्ड परीक्षा में सामूहिक नकल के आरोप में पकड़े गए तीन दर्जन से अधिक केंद्रों की संस्तुति के नाम पर खेल किया गया था। विभागीय अधिकारियों ने अधिकांश केंद्रों को डिबार घोषित करने के लिए बोर्ड को नहीं भेजा गया था। इन केंद्रों के ऊपर सामूहिक नकल का आरोप लगा था। अब मात्र एक दर्जन से कम विद्यालय ही डिबार घोषित हो सकते हैं।
जिले के माध्यमिक स्कूलों के संचालक मान्यता के साथ-साथ अन्य कार्यों में भी गड़बड़ी करने में सक्षम हैं। इसमें अधिकांश विद्यालय संचालक ऐसे हैं जो जिलाधिकारी की कार्रवाई को भी रद्दी की टोकरी में डलवा सकते हैं। इसकी एक बानगी वर्ष 2011-12 में आयोजित हुई बोर्ड परीक्षा में देखने कोमिली। तत्कालीन जिलाधिकारी लोकेश एम ने बोर्ड परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल के आरोप में पांच दर्जन से अधिक विद्यालयों को डिबार करने की संस्तुति की थी। उन्होंने तत्कालीन डीआईओएस को निर्देश दिया था कि संबंधित विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई का पत्र बोर्ड को भेज दिया जाए। डीएम के आदेश का क्या हुआ। इसकी जानकारी अभी तक किसी को नहीं हो पाई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो एक दर्जन से कम विद्यालयों को ही डिबार घोषित करने के लिए फाइल भेजी गई थी। शेष विद्यालयों के नाम पर विभागीय अधिकारियों के साथ ही कर्मचारियों ने खेल कर दिया। अब ऐसे भी विद्यालयों पर जिलाधिकारी प्रभुएन सिंह की नजर है। डीएम ने बताया कि इस बार बोर्ड परीक्षा के लिए बदनाम विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। पिछले वर्ष डिबार घोषित हुए विद्यालयों की भी सूची मंगाई जाएगी। परीक्षा केंद्र बनाने के नाम पर हेरफेर नहीं होने दिया जाएगा।

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