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पैसेंजर ट्रेन से कट कर दो भेड़पालकों की मौत

Ghazipur Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
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सादात। रेलवे स्टेशन के कनेरी गांव के पास रविवार की सुबह गोरखपुर-मडुवाडीह पैसेंजर ट्रेन से कटने पर दर्जनों भेड़ों की मौत हो गई। उन्हें बचाने में दो भेड़ पालक भी अपनी जान गंवा बैठे। भेड़ों के कटने से जहां उनके मांस के लोथड़े दूर तक बिखर गए। वहीं उनके खून से रेलवे ट्रैक भी दूर तक लाल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक पर मृत पड़ी भेड़ों को हटवाया तथा भेड़ पालकों का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना को लेकर आसपास के लोग काफी हतप्रभ थे।
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बताया गया है कि गोरखपुर से बनारस के मडुवाडीह जाने वाली पैसेंजर ट्रेन रविवार को सवा सात बजे माहपुर रेलवे स्टेशन से करीब तीन किलोमीटर आगे कनेरी गांव के पास पहुंची। रेलवे ट्रैक के बीच से होकर भेड़ों का झुंड जा रहा था। भेड़ों को ट्रैक पर देखकर चालक ने हार्न बजाया लेकिन भेड़ों के चिल्लाने की आवाज में हार्न का शोर भेड़ पालकों को सुनाई नहीं पड़ी। इस बीच तेज रफ्तार ट्रेन जब करीब आ गई, तो भेड़ पालक निरंजन पाल शोर मचाते हुए रेलवे ट्रैक से निकल कर दूर जा खड़ा हुआ। इस बीच ट्रेन ट्रैक से होकर आगे बढ़ रही भेड़ों को रौंदते हुए आगे बढ़ने लगी। भेड़ों के चिल्लाने की आवाज सुनकर आगे चल रहे भुरकुड़ा निवासी भेड़ पालक 55 वर्षीय गिरजा पाल तथा 44 वर्षीय सत्य नारायण उर्फ सतई पाल ने अपने जान की परवाह किए बिना भेड़ों को बचाने की कोशिश शुरू कर दी लेकिन ट्रेन उनको भी रौंदते हुए आगे निकल गई, जिससे दोनों भेड़पालकों के साथ दर्जनों भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई। खून से ट्रैक पूरी तरह से लाल हो गया। उनके मांस के लोथड़े दूर तक बिखर गए। मौत के मुंह से बच निकले भेड़ पालक निरंजन पाल की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। जब उनकी नजर मृत भेड़पालकों सहित कटी भेड़ों पर पड़ी तो उनकी भी रूह कांप उठी। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना के कुछ ही देर बाद सीओ सैदपुर तेजस्वरूप सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ट्रैक पर मृत पड़ी भेड़ों को हटवाया तथा मृत भेड़पालकों का शव कब्जे में लेे लिया। सीओ ने बताया कि दो भेड़पालकों के साथ ट्रेन से कटने पर 80 भेड़ों की मौत हुई है, जबकि भेड़पालक निरंजन पाल 150 से 231 भेड़ों की मौत होने का दावा कर रहा था। उसका कहना था कि नौ दिन पूर्व वह अपने दोनों साथियों के साथ 238 भेड़ों को लेकर जौनपुर गया था, जिसमें सात भेड़ें की सकुशल बची हैं। हादसे के बाद रेलवे विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे जबकि ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना हो चुकी थी।

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