मनचाही सब्जियों के लिए बाजार का नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर

Ghazipur Updated Sun, 09 Sep 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। अगर आप थोड़ी सी मेहनत करने को तैयार हैं तो रोज-रोज बाजार से हरी सब्जी लाने का झंझट खत्म हो सकता है। अजी कुछ नहीं बस घर बैठे अपनी गृह वाटिका को थोड़ा समय देना पडे़गा। एक वर्ष तक हरी सब्जी की पैदावार करने का खाका खींचा है कृषि विज्ञान केेंद्र की गृह वैज्ञानिक सुनीता पांडेय ने। मौजूदा समय में यह प्रयोग करंडा के कुछ गांवों में चल भी रहा है।
पीजी कालेज स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में अक्सर जिले के लोगों के कल्याण एवं कम खर्च में अधिक लाभ के विषय में जानकारी दी जाती है। इस बार विषय वस्तु विशेषज्ञ गृह वैज्ञानिक डा.सुनीता पांडेय ने किचेन गार्डेन में हर मौसम की सब्जियां उगाने का प्रयोग शुरू किया। दो बिस्वा भूमि यानि दो सौ वर्ग मीटर में गृह वाटिका स्थापित की जा सकती है। इसमें हरी सब्जियों के साथ फल भी खेती उगेंगे। इसके लिए 20 मीटर लंबा एवं दस मीटर चौड़ी जगह की जरूरत पड़ेगी। तीन फीट लंबी सब्जियों की क्यारी भी बनेगी। 30 मीटर लंबी नाली भी बनेगी। इससे आसानी से सब्जियाें की सिंचाई हो जाएगी। डेढ़ मीटर रास्ते के लिए जगह छोड़ी जाएगी। बीच-बीच में मेढ़ के लिए जगह बनाई जाएगी। इसमें टमाटर के लिए दो क्यारी, लोबिया में दो, फूलगोभी दो, पालक दो, लौकी दो, भिंडी दो, नेनुआ दो, कद्दू एक, करेला दो, लोबिया दो, बैंगन दो, सेम दो, गाजर एक, मेथी और धनिया की एक-एक क्यारी बनाई जाएगी। इसकी जानकारी देते हुए डा.सुनीता पांडेय ने बताया कि गृह वाटिका के माध्यम से जिले के लोगों को सब्जी के खर्चे से मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने बताया कि गृह वाटिका में सब्जियों के साथ ही आम, अमरूद, नीबू, करौंदा, आंवला और पपीता भी लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस समय करंडा ब्लाक के भटौली ग्राम के दस लोगों को नि:शुल्क बीज उपलब्ध कराकर सब्जी के लिए प्रेरित किया जा चुका है। उन्होंने लोगों को गृह वाटिका का प्रयोग करने की अपील की है।
गृह वाटिका में कब क्या हो

लौकी-फरवरी से जून
लोबिया-जुलाई से सितंबर
फूलगोभी-अक्तूबर से जनवरी
टमाटर-सितंबर से जनवरी
भिंडी-फरवरी से जून
बैंगन-जुलाई से सितंबर
पत्तागोभी-अक्टूबर से जनवरी
तोरई- फरवरी से जुलाई
मेथी- अगस्त से अक्तूबर
पालक- नवम्बर से जनवरी
कद्दू- फरवरी से जून
हल्दी- मार्च से अक्तूबर
गाजर- अक्तूबर से जनवरी
धनिया- अगस्त से अक्तूबर
लहसुन- नवम्बर से मार्च
खीरा- अप्रैल से जून
करेला- जुलाई से अक्तूबर
नेनुआ- फरवरी से जून


गृह वाटिका में मिलेेंगे सभी विटामिन
गाजीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र की गृह वैज्ञानिक डा. सुनीता पांडेय ने बताया कि गृह वाटिका में सभी विटामिन को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि आयरन, विटामिन ए, विटामिन सी, मिनरल्स भी सब्जियों के साथ ही फलों में मिलेंगे।

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