एनआरएचएम घोटाले की जांच को जिले में फिर धमकी सीबीआई

Ghazipur Updated Thu, 06 Sep 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले की जांच के तहत बुधवार को सीबीआई की चार सदस्यीय टीम जिला मुख्यालय पर फिर धमकी। सीबीआई के अधिकारियों ने लेखा, स्टोर, ब्लड बैंक आदि से जुड़े कर्मचारियों को बुलकर सीएमओ कार्यालय के प्रथम तल पर बंद कमरे में उनसे तीन घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान जननी सुरक्षा योजना, आशाओं से संबधित किट तथा फाइलों की जांच कर दस्तावेजों को खंगाला गया। सीबीआई के तेवर से कर्मचारी सहमे दिखे।
गाजीपुर सीएमओ कार्यालय पर करीब ढ़ाई बजे पहुंची सीबीआई ने इस बार मुख्य रूप से जननी सुरक्षा के तहत आशाओं को बांटे गए किट की जांच की। सीबीआई ने जिले भर की आशाओं को दिए गए मेडिसिन किट के बारे में पूछा। कर्मचारियों के जबाब से असंतुष्ट सीबीआई ने एक किट के नमूने को मंगाया। कर्मचारियों के प्रयास के बाद एक किट स्टोर रूम में मिला। सीबीआई ने मशीन पर तौल कर किट में मौजूद रूई, बैंडेज, दवाएं तथा अन्य सामग्रियां देखी। 2008-09 तथा 2009-10 में यह किट एनआरएचएम के धन से मंगाए गए थे। जिले भर में कुल 3158 आशाएं हैं जिन्हें यह किट दिया गया है। इस दौरान टीम के सदस्यों ने इस किट की खरीद कब और कैसे की इस बाबत भी संबंधित बाबू से पूछताछ की। टीम में सीबीआई के एसपी एचएन सिंह समेत चार सदस्य थे। पूछताछ में लेखाकार धीरेन्द्र राय, स्टोर कीपर बुद्धिलाल तथा महेन्द्र के अलावा और कई कर्मचारी शामिल रहे।

और कन्नी काट गए कर्मचारी
गाजीपुर। जांच को आई सीबीआई टीम ने भले ही अपने तेवर कड़े किए लेकिन कर्मचारियों की बाजीगरी से जांच बहुत आसानी से पूरी नहीं हो सकी। कर्मचारी शुरू से अपने बचाव के लिए कई हथकंड़े अपना रहे हैं। जिला मुख्यालय पर जब सीबीआई पहुंची उस समय सीएमओ डा. आरपी गुप्त अनुपस्थित थे। इससे कर्मचारियों को बहाना करने का अच्छा मौका मिल गया। पूछताछ के दौरान सीबीआई के एक सदस्य ने पूछा कि इस समय कोई आशा कार्यकत्री उपलब्ध हो सकती है जिसे किट दिया गया हो। इस बावत सीबीआई को कर्मचारियों ने जो जवाब दिया वह साफ बहाना था। उनका कहना था कि इस समय काफी शाम हो गई है और कार्यकत्री को बुलाना संभव नहीं है। जबकि सच्चाई यह है कि चंद कदम पर ही जिला महिला अस्पताल है और यहां हमेशा कोई न कोई आशा कार्यकत्री अवश्य मौजूद रहती है। हालांकि सीबीआई ने आशाओं को बुलाने की बात को बाद में नजरअंदाज कर दिया तथा अन्य सवाल करने लगी। लेकिन खास बात यह है कि सीबीआई को भी बहलाने फुसलाने वाले यहां के कर्मचारियों पर जांच का कितना असर है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

छठी बार धमकी सीबीआई
गाजीपुर। जिले में हुए एनआरएचएम घोटाले की जांच लंबे समय से चल रही है। इसके तहत बुधवार को सीबीआई ने यहां छठवीं बार छापेमारी की है। इस जांच के तहत एनआरएचएम के तहत वर्ष 2005 से लेकर 2011 तक इस मद में आए एक-एक पाई के खर्चे का हिसाब लिया जा रहा है। ब्लडबैंक समेत जिले भर में खरीदे गए उपकरणो, वाहनों के डीजल के खर्चे समेत ग्रामीण क्षेत्रों को स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी हुए भुगतान और खर्च की जांच हो रही है। पिछली बार यहां आई सीबीआई ने बिरनों, सैदपुर तथा मुहम्मदाबाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी छापेमारी की थी। इस जांच में लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों से पूछताछ को महत्व दिया जा रहा है। टीम के बुलावे पर सीएमओ समेत यहां के कर्मचारी भी कई बार लखनऊ तथा गोरखपुर सीबीआई के दरबार में दस्तवेज लेकर जा चुके है।

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