अधिकारी से मिलने गए छात्रों ने की तोड़ फोड़

Ghazipur Updated Tue, 04 Sep 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। जिला समाज कल्याण अधिकारी से मिलने गए पीजी कालेज के छात्रों ने सोमवार को विकास भवन पर जमकर तोड़-फोड़ किया। छात्रों ने प्रवेशद्वार का शीशा तोड़ दिया तथा आसपास के सामान तितर-बितर कर दिया। विकास भवन में जिलास्तरीय बैठक चल रही थी। इस कारण सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया जिस पर छात्र भड़क गए। बाद में पुलिस ने दर्जन भर छात्रों को गिरफ्तार कर लिया।
पीजी कालेज में नि:शुल्क प्रवेश की मांग को लेकर एससी एसटी के छात्र 10 दिनों से विद्यालय परिसर में धरना दे रहे थे। सोमवार को प्राचार्य से वार्ता के बाद इस बात पर सहमति बन रही थी अगर शासन उनका परीक्षा शुल्क विश्वविद्यालय को समय से दे दें तो प्रवेश नि:शुल्क कर लिया जाएगा। इस बारे में जानकारी लेने के लिए छात्र लामबंद होकर विकास भवन की ओर चल पड़े। छात्र कालेज से जुलूस निकाल कर नारेबाजी करते हुए विकास भवन पहुंचे। इधर विकास भवन में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक चल रही थी जिसके कारण प्रवेशद्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों ने छात्रों को भीतर जाने से रोक दिया। उन्होंने बताया कि सभी अधिकारी बैठक में व्यस्त है थोड़ी देर बाद उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी। इससे छात्र भड़क गए और वहां तोड़ फोड़ करने लगे। छात्रों ने मुख्यद्वार का शीशा तोड़ दिया तथा सामानों को भी इधर-उधर फेंक दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। इसी बीच पुलिस ने दर्जन भर छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी मिलने पर सीओ मुकेश मिश्रा भी दल बल सहित पहुंच गए। पुलिस ने पूछताछ के लिए चंदन भारती, मनीष कुमार, संतोष कुमार, नीरज कुमार, पिंटू, अरविंद कुमार, श्रवण कुमार आदि को पूछताछ के लिए बैठा लिया। सीओ ने बताया कि छात्रों से पूछताछ की जा रही है। सरकारी सम्पति को नुकसान पहुंचाने वाले उग्र छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों को बनाया जा रहा मोहरा
गाजीपुर। नि:शुल्क प्रवेश की मांग को लेकर एससी एसटी के छात्रों का पीजी कालेज पर धरना सोमवार को 10 वें दिन भी जारी रहा। इस मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए छात्र नेता चंदन कुमार भारती ने कहा कि कालेज और शासन के बीच छात्रों को मोहरा बनाया जा रहा है। शासन की ओर से पैसा भेजना और विश्वविद्यालय की ओर से उसे परीक्षा शुल्क में लिए जाने की जिम्मेदारी उनकी आपस की है। इससे छात्रों को कोई मतलब नहीं हो सकता। अन्य वक्ताओं ने कहा कि कालेज प्रशासन की ओर से परीक्षा शुल्क अपनी जिम्मदारी पर लेकर प्रवेश कराने का दबाव बनाया जा रहा है जो गलत है। इसी क्रम में विकास भवन की घटना से इंकार करते हुए छात्रों ने कहा कि इस तोड़फोड़ की घटना में हम शामिल नहीं है। जुलूस के गेट पर पहुंचने से पहले ही शीशा टूटा हुआ था। बाद में एडीएम, एसडीएम आदि से वार्ता करने के बाद हम वापस चले आए। धरना को मनीष कुमार, प्रेम कुमार, जितेन्द्र कुमार, राधेश्याम कुशवाहा, सुरेश कुमार मौर्या, डब्लू यादव, आनंद आदि ने संबोधित किया।

वार्ता में बन गई थी सहमति
गाजीपुर। पीजी कालेज के एससी-एसटी छात्रों की आज प्राचार्य से हुई वार्ता के बाद कासन मनी तथा अन्य जरूरी शुल्क मिला कर 110 रुपए जमा करने के साथ प्रवेश लिए जाने को लेकर सहमति बन गई थी। प्राचार्य प्रो. अमरनाथ ने बताया कि विश्वविद्यालय अपना परीक्षा शुल्क अवश्य लेता है। पिछली बार हमने नि:शुल्क प्रवेश लिया था लेकिन शासन की ओर से परीक्षा शुल्क विश्वविद्यालय को नहीं भेजा गया। इसके चलते करीब नौ लाख रुपए कालेज को नुकसान सहना पड़ा। शासन स्तर पर पैसा आया है कि नहीं और वह विश्वविद्यालय को कब तक दे दिया जाएगा इस बात की जानकारी जिला समाज कल्याण अधिकारी दे सकते है। छात्र इस बात की जानकारी लेने के लिए लामबंद हो कर विकास भवन समाज कल्याण अधिकारी से मिलने गए थे। जहां पुलिस कर्मियों के रोके जाने पर नाराज हो गए।

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