अपराधियों का अभ्यारण्य बना पूर्वांचल

Ghazipur Updated Sun, 02 Sep 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। बिहार के अपराधियों के आगे यूपी पुलिस बेबस है। यहां के बदमाश पूर्वांचल में हत्या, डकैती और फिरौती के लिए अपहरण जैसी वारदातों को लगातार अंजाम दे रहे हैं। यहां के विभिन्न जिलों मेें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजे गए बदमाश इसकी बानगी हैं। जिले के एसपी अपराधियों की घुसपैठ के पीछे राजनीतिक प्रश्रय और पुलिस पर बेजा दबाव को मानते हैं।
पूर्वांचल में बाहरी अपराधियों की घुसपैठ सत्तर के दशक से शुरू हुई। नब्बे के दशक में बाहरी बदमाशों ने यहां कई बड़ी वारदातों को अंजाम देकर अपना आतंक कायम किया। हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, असलहाें की तस्करी में संलिप्त होकर ऐसा आतंक मचाया कि वह सुर्खियों में आ गए और पुलिस की आंख की किरकिरी भी बन गए लेकिन पुलिस उनके नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त नहीं कर सकी। लिहाजा बनारस, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर के कई बड़े कारोबारी यहां से पलायन करने को मजबूर हो गए। राजनीतिक संरक्षण में ये अपराधी जमकर फूले और जरायम जगत में फैले भी।
29 नवंबर 2005 को भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में पहली बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के कुख्यात संजीव जीवा का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद उसका साम्राज्य पंजाब, हरियाणा, राजस्थान तथा हरिद्वार से लेकर जयपुर तक फैल गया। इसी हत्याकांड में रायबरेली के शार्प शूटर फिरदौस उर्फ मुहम्मद उर्फ चांदा का भी नाम प्रकाश में आया। वह जौनपुर के कुख्यात प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी का दोस्त था और उसके सिर पर 50 हजार का इनाम था। 19 अप्रैल 2006 को उसे मुंबई में मुठभेड़ के दौरान ढेर कर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की। वह मूल रूप से इलाहाबाद के ऊंचाहार कस्बे का रहने वाला था। इसके मारे जाने के बाद एक बारगी पूर्वांचल की पुलिस ने राहत की सांस ली लेकिन राजनीतिक प्रश्रय के चलते पूर्वांचल में बाहरी अपराधियों की घुसपैठ पर विराम नहीं लग सका।
हाल में हुए अपराधों पर गौर करें तो इसकी तस्वीर साफ नजर आती है। बीते वर्ष अप्रैल माह में सुहवल के रेवतीपुर पुलिस चौकी के पास दिनदहाड़े हिस्ट्रीशीटर राकेश राय की गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई। इसमें बिहार के 50 हजारा इनामी बदमाश धनंजय राय उर्फ गुड्डू राय का नाम प्रकाश में आया जिसे पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। यही नहीं सुहवल से कक्षा पांचवीं के छात्र के अपहरण में बिहार के 5 हजारा इनामी मनोज मुसहर, भदौरा के सीएचसी में हत्या कर डकैती डालने के मामले में 5 हजारा इनामी गुरुदम मुसहर उर्फ खलीफा का ही हाथ पाया गया। जुलाई माह में चंदौली पुलिस ने ट्रक लूट के मामले में बिहार के कटियार निवासी सुभाष तथा कुंज बिहारी, डकैती के मामले मेें मऊ पुलिस ने बिहार के बक्सर निवासी विजय तथा जितेंद्र को गिरफ्तार किया। इसी प्रकार लूट के मामले में आजमगढ़ पुलिस ने झारखंड के तीन बदमाशों कृष्णा चौहान, प्रकाश चौहान तथा संजय महतो को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा।

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