ई मस्टररोल को जारी करने में आ रही बाधा

Ghazipur Updated Tue, 21 Aug 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। केंद्र सरकार ने भले ही मनरेगा योजना के लिए अपना खजाना खोल दिया है लेकिन अधिकारी एवं ग्राम पंचायतें धनराशि खर्च करने में आनाकानी कर रही हैं। जिसके चलते 18 करोड़ से अधिक की धनराशि ग्राम पंचायतों में डंप पड़ी है। धनराशि खर्च नहीं होने से ई मस्टररोल जारी करने में डीआरडीए को दिक्कत आ रही है।
वित्तीय वर्ष 2012-13 में मनरेगा योजना का कुल लेबर बजट 116 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। अगस्त में 44 करोड़ 93 लाख रुपये खर्च करने का लक्ष्य तय था। इसके सापेक्ष 42 करोड़ 99 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। इस धनराशि में सिर्फ 26 करोड़ रुपये की धनराशि मनरेगा योजना में संबंधित ग्राम पंचायतों के साथ ही ब्लाकों ने खर्च कर दिया है। देखा जाए तो उपलब्ध धनराशि का 62.3 प्रतिशत ही खर्च हो पाया है। अभी भी ब्लाकों में 18 करोड़ रुपये डंप पड़े हुए हैं। इसे खर्च करने के लिए ब्लाकों ने रुचि नहीं दिखाई है। पिछले दिनों हुई बैठक में जिलाधिकारी ने डंप पड़ी धनराशि को खर्च करने का निर्देश दिया था। डीएम का सख्त निर्देश है कि उपलब्ध धनराशि को तत्काल खर्च किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उधर मनरेगा योजना में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने ई मस्टररोल एवं ई बैंकिंग योजना की शुरूआत करने के निर्देश दिए गए थे। शासन का साफ कहना है कि दोनों योजनाएं पुरानी धनराशि खर्च करने के बाद ही शुरू की जाएंगी। इसकी जानकारी देते हुए परियोजना निदेशक आरएन सिंह ने बताया कि ब्लाकों में डंप पड़ी 18 करोड़ की धनराशि को खर्च करने के निर्देश डीएम ने दिए हैं।

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