सेमरा और पुरैना गांव में िदख रहा गंगा का रौद्र

Ghazipur Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
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मुहम्मदाबाद/करंडा। गुरुवार की देर शाम गंगा ने अपना रौद्र रूप दिखाते हुए सेमरा एवं पुरैना में बीस बीघा भूमि के साथ एक दर्जन मकान को अपने आगोश में ले लिया। गंगा के इस खतरनाक रूप को देखते हुए गांवों में हड़कंप मच गया है। इस कटान से एक दर्जन परिवार बेघर हो गए हैं। पुरैना के शिवमंदिर का बरामदा भी गंगा में विलीन हो गया। प्रभारी डीएम ने मौके पर उपजिलाधिकारियों के साथ ही पुलिस फोर्स को भेजा है।
मुहम्मदाबाद और भांवरकोल संवाददाता के अनुसार गुरुवार की शाम सेमरा, शिवराय का पुरा एवं बच्छलपुरा गांव में गंगा की उफनती धाराओं ने दस बीघा जमीन अपने आगोश में ले लिया। पिछले एक सप्ताह से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। अचानक गंगा ने अपना विकराल रूप दिखाया तो कटान से बचने के लिए बनाया गया दस मीटर ठोकर गंगा समा गया। गांव निवासी मिश्रीपासी की झोपड़ी जिसमें भूसा एवं उपला रखा था वह भी बह गया। केदार पटेल का घर भी गंगा की धाराओं में चला गया। किसानों की लगभग दस बीघा कृषि योग्य भूमि भी कटान की भेंट चढ़ गई। जिससे नर्वदेश्वर राय, शिवजी राय, शेषकर राय, कन्हैया यादव, हंसलाल, देवनाथ पटेल एवं श्री पासवान आदि शामिल है। कटान को देखते हुए गांव के विजय पटेल, लालू यादव, चंद्रमा पटेल, रामदरश पटेल, मिश्री पासवान, श्रीराम पासवान, काशी पटले, चेथरू पासवान, भोला यादव आदि लोगों ने अपने घरों को खाली करके दूसरे स्थान पर अपने सामान को ले जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा कटान को रोकने के लिए अब तक किए गए उपायों पर भी लोगों ने रोष जताया है। पिछले वर्ष भी गंगा की कटान के कारण काफी क्षति हुई थी। कटान की खबर सुनकर एसडीएम एवं सीओ मौके पर गए और कटान का निरीक्षण किया। गांव बचाओ आंदोलन के संयोजक प्रेमनाथा गुप्ता एवं अशोक राय ने जिला प्रशासन के खिलाफ कल से आंदोलन शुरू करने की बात कही है। करंडा संवाददाता के अनुसार पौने छह बजे के करीब गंगा की कटान से गांव की दस बीघा भूमि बह गई। यह सब बीस मिनट के भीतर हुआ। कटान इतना भयंकर था कि पूरा गांव एक स्थान पर जुट गया। इस कटान में शिवमंदिर का बरामदा भी समा गया। लोगों का कहना था कि अभी तक इतना भयंकर कटान इस गांव में कभी नहीं आया था। पुरैना में इस वर्ष 40 बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। अब तक दो हजार कृषि योग्य भूमि किसानों की नुकसान हो चुकी है। ग्राम प्रधान पतिराम की झोपड़ी, बृजदेव पासवान सहित अन्य किसानों की झोपड़ी गंगा चली गई। इसके साथ ही विर्सतन, दिलीप राम, दीपनारायन आदि के खेत गंगा के लहरों में डूब गए। कटान को लेकर गांव में हड़कंप मचा हुआ है। लोगोें ने प्रशासन के राहत कार्य असंतोष जताया है। उधर प्रभारी डीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने घटना की जानकारी होने पर तत्काल अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि कटान से जिन किसानों का नुकसान हैं उन्हें सरकारी सहायता दिलाई जाएगी।

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