हाटकुक्ड योजना पर एक बार फिर लगी रोक

Ghazipur Updated Wed, 15 Aug 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों के नौनिहालों को पौष्टिक भोजन परोसने के उद्देश्य से शुरू हुई हाटकुक्ड योजना अब फेल साबित हो रही है। योजना में पारदर्शिता नहीं आने के कारण शासन ने एक बार फिर इसके संचालन पर ब्रेक लगा दिया है। इसको लेकर अधिकारी परेशान दिख रहे हैं। इसके संचालन में कई प्रकार की खामियां उजागर हो रही थीं।
जिले में 4218 आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक लाख से अधिक बच्चों का पंजीकरण हुआ हैं। एक केंद्र पर 40 बच्चों का नामांकन जरूरी माना जाता हैं। सभी बच्चे तीन से छह साल तक के होते हैं। इन बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक युक्त पंजीरी वितरण के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं गर्भवती धात्री महिलाओं के साथ किशोरियों को भी पंजीरी वितरण के निर्देश हैं। इसके साथ ही बच्चों को दोपहर के भोजन के लिए हाटकुक्ड योजना की शुरूआत दो वर्ष पहले हुई थी। शुरूआती दौरान में कुछ ब्लाकों को योजना में शामिल किया था। फिर सभी ब्लाक योजना में ले लिए गए। योजना के तहत पंजीकृत बच्चों कोप्रत्येक केेंद्रों पर चार हजार रुपये की धनराशि भेजी जाती है। अब तक योजना के नाम पर करोड़ों रुपये बहा दिए गए हैं। कई माह से बंद योजना को एक माह के लिए शुरू किया गया था। लेकिन पांच अगस्त को एक बार फिर योजना को पूरी तरह से बंद करने का फरमान शासन ने सुना दिया है। सूत्रों का कहना है कि योजना यदि बंद हो जाए तो बेहतर होगा। योजना में ऊपर से लेकर नीचे तक गड़बड़ी हैं। डीपीओ इंदूबाला श्रीवास्तव ने बताया कि हाटकुक्ड योजना को शासन ने पर रोक लगा दी है। शासन के निर्देश पर योजना की शुरूआत दोबारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि तीन करोड़ से अधिक की धनराशि योजना में डंप पड़ी हुई है।

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