संविदाकर्मियों को हटाने का आदेश वापस ले सरकार

Ghazipur Updated Tue, 31 Jul 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार को स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ की ओर से गाजीपुर नगरपालिका समेत जिले के कई निकायों पर धरना दिया गया। इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने नगर निकायों में काम कर रहे संविदाकर्मियों की सेवा समाप्त किए जाने के शासनादेश का जमकर विरोध किया। कहा कि सरकार जब तक इस आदेश के वापस नहीं लेती है तब तक उनका आंदोलन चलता रहेगा।
धरना सभा को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष नौशाद आलम ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह फरमान कर्मचारी विरोधी है। कई कर्मचारी वर्ष 1996 से ही संविदा पर कार्य कर रहे है। सेवा से निकाले जाने के बाद अब कर्मचारियों का भविष्य समाप्त हो जाएगा। मंत्री गजराज राम ने कहा कि चाहे कुछ भी हो हम इस आदेश को वापस करा कर रहेंगे। अन्य वक्ताओं ने कहा कि अगर सरकार नहीं मानती है तो नेतृत्व के साथ तब तक लड़ाई लड़ी जाएगी, जब तक इस आदेश को वापस नहीं ले लिया जाता है। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस मौके पर मो. शमीम, धीरेन्द्र कुमार सिंह, विद्युत कुमार, जोखन प्रसाद, नवीन कुमार श्रीवास्तव आदि ने विचार व्यक्त किया। सभा की अध्यक्षता बजरंगी यादव ने किया।
मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार स्थानीय नगरपालिका पर आयोजित धरना सभा को संबोधित करते हुए मुहम्मदाबाद इकाई के अध्यक्ष डा. राजकुमार रावत ने कहा कि यह शासनादेश सरकार की तानाशाही मानसिकता का द्योतक है। जो भी सरकारें आती हैं उससे कर्मचारियों और जनता को भला होने की उम्मीद लग जाती है। यहां तो उल्टा ही हो रहा है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि इस सरकार के आने के बाद कहा हम सेवाएं नियमित होने का सपना देख रहे थे, जबकि सरकार ने सेवाएं समाप्त कर दर दर भटकने को विवश कर दिया है। इस मौके पर प्रकाश रावत, मोईनुद्दीन खां, शमीम अहमद, मदन यादव, अमरनाथ यादव, मजहर खां, रामप्रवेश राय, उमाशंकर यादव, प्रेम कुमार श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता हलधर सिंह और संचालन राजेन्द्र कुमार ग्वाल ने किया।


कार्य बहिष्कार का पड़ा असर
गाजीपुर। सोमवार को संविदाकर्मियों के धरना के कारण जहा निकायों के कार्यालय में काम काज ठप रहा वहीं कई प्रकार की सेवाओं पर भी असर पड़ा। जिले भर के संविदाकर्मियों का धरना दस बजे से शुरु हो गया। प्रथम तल पर स्थित नगरपालिका का बाहरी गलियारा कर्मचारियों से खचाखच भर गया। जिले भर के निकायों के संविदाकर्मी पहुंच गए। इधर अन्य कर्मचारी भी उनके समर्थन में आ कर धरने पर बैठ गए जिससे कार्यालय में कोई काम नहीं हुआ। इस धरने के दौरान जलकल, प्रकाश, निर्माण आदि का काम भी ठप पड़ा रहा। उल्लेखनीय है कि गाजीपुर में 65, मुहम्मदाबाद में 64, सैदपुर में 16, जंगीपुर में एक, जमानिया में 63, सादात में 21, दिलदारनगर में तीन संविदाकर्मी तैनात है। इनमें से कार्यालय लिपिक, जलकल, स्लाटर हाऊस, रोस्टरिंग, चालक, प्रकाश के अलावा कुछ तकनीकि के पदों पर भी काम कर रहे है। इन्हे अधिकतम 36 सौ रुपए दिया जाता है।


जनसेवा में लग गए कर्मचारी
गाजीपुर। निकायों में रखे गए संविदाकर्मियों ने बताया कि चूकिं वह सीधे जनसेवा के कार्यों से जुड़े हुए हैं इसलिए अभी उन्होंने काम करना बंद नहीं किया है। धरना समाप्त होने के बाद पांच बजे के बाद जितने लोगों की ड्यूटी विभिन्न कार्यो में लगाई गई है वह सब अपने काम पर चले गए। किसी ने जल पंप चलाया तो किसी ने आवश्यक साफ सफाई की। अध्यक्ष नौशाद आलम बताया कि वैसे अभी हमें काम से निकाले जाने के बावत कोई नोटिस नहीं दी गई है। लेकिन इस शासनादेश के खिलाफ हमारी लड़ाई चलती रहेगी।

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