जले ट्रांसफारमरों के बूते 20 घंटे बिजली का दावा

Ghazipur Updated Thu, 26 Jul 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। मौजूदा समय में जिलेभर में करीब 200 ट्रांसफार्मर जलकर बेकार पड़े हुए है। ऐसे में रमजान माह में जिले में 18 से 20 घंटा बिजली उपलब्ध कराने का दावा कितना सच होगा इसका अंदाजा सहजता से लगाया जा सकता है। बहादुरगंज, रेवतीपुर, भदौरा, जमानिया आदि इलाकों में तो ऐसे भी है जिन्हें जले डेढ़ माह तक हो गया है। कुछ नलकूप से जुड़े ट्रांसफार्मरों की वजह से खेती-बारी भी प्रभावित है। संबंधित गांवों में जहां अंधकार छाया हुआ है वहीं उमस और गरमी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। खास बात यह है कि जिलेभर के जले ट्रांसफामरों की समुचित जानकारी यहां के आला अधिकारियों को भी नहीं है। यहां अधीक्षण अभियंता के कार्यालय के अलावा जिलेभर में कुल चार अधिशासी अभियंता के कार्यालय है। विद्युत वितरण खंड प्रथम, द्वितीय तथा मीटर्स के कार्यालय तो शहर में है जबकि एक कार्यालय सैदपुर में है। रौजा के एसडीओ बीआर वर्मा ने बताया कि जब तक जले ट्रांसफार्मरों के कागज केंद्र तक नहीं आते तब तक उनके जलने की सही जानकारी नहीं मिल पाती। ट्रांसफार्मर भी अलग अलग क्षमता के होते हैं। बड़ी क्षमता के जले ट्रांसफार्मरों को बाहर से मंगाना पड़ता है।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

16 जनवरी 2018

Related Videos

कोहरे ने लगाया ऐसा ब्रेक, एक के बाद एक भिड़ीं कई गाड़ियां

वाराणसी-इलाहाबाद राजमार्ग पर गुरुवार को घने कोहरे के बीच दो एक सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम होने पर एक के बाद एक चार गाड़ियां एक-दूसरे से टकरा गईं। इस हादसे में चार लोगों के घायल होने की भी खबर है।

21 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper