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विद्यालय निर्माण के लिए स्थल चयन में चूक बना गलफांस

Ghazipur Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में सबकुछ रामभरोसे चल रहा है। ब्लाकों पर तैनात किए गए खंड शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट से खुद विभाग के बड़े अफसर भी हैरान हैं। एबीएसए की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय निर्माण के लिए स्थल चयन में चूक होना विभाग के गले की फांस बनता जा रहा है। जिन स्थलों का चयन ग्राम पंचायत के सहयोग से खंड शिक्षा अधिकारियों ने किया था वहां पर पहले से ग्रामीणों का कब्जा है। इसका निर्माण 30 जून तक होना है।
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शासन के निर्देश पर वर्ष 2011-12 में परियोजना कार्यालय लखनऊ की ओर से जिले की असेवित बस्तियों में प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय खोलने के निर्देश दिए गए थे। परियोजना के अधिकारियों का निर्देश था कि प्राथमिक विद्यालय की दूरी एक िकमी के साथ तीन सौ की आबादी एवं जूनियर की तीन किलोमीटर दूर और 800 की आबादी तय की गई थी। किसी भी हालत में मानक की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। निर्देश आने के बाद तत्कालीन बीएसए वीपी सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को असेवित बस्तियों की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया था। खंड शिक्षा अधिकारियों ने आनन-फानन में रिपोर्ट तैयार कर भेज दी। कुछ खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने ब्लाक को संतृप्त भी बताया था। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों ने जानबूझकर विद्यालय खोलने की संस्तुति प्रदान कर दी थी। जिन खंड शिक्षा अधिकारियों ने रिपोर्ट भेजी थी उसकी जांच करने के लिए परियोजना से जुड़े अधिकारी भी आए थे। कुछ ऐसे खंड शिक्षा अधिकारी उनको मिले जिन्होंने चयनित स्थल नहीं दिखा पाया थे। इसको लेकर उन्होंने कड़ी नाराजगी भी जताई थी। इसके बाद पूरे जिले में 180 प्राथमिक एवं 21 जूनियर हाईस्कूल का निर्माण के लिए बजट जारी कर दिया गया। जब संबंधित भवन निर्माण प्रभारियों ने निर्माण शुरू कराया तो पता चला कि अमुक स्थान पर पहले से ही लोग आबाद हैं। इसकी रिपोर्ट आने पर विभाग के कान खड़े हो गए हैं। ऐसे विवाद डीएम, एसपी और बीएसए के पास ऐसी शिकायतें आ रही हैं। इसकीरिपोर्ट में खंड शिक्षा अधिकारियों ने कहा था कि संबंधित स्थल विवादित नहीं है। इसकी जानकारी देते हुए प्रभारी बीएसए निर्मला श्रीवास्तव ने बताया कि एक दर्जन से अधिक ऐसे विद्यालय हैं जहां पर विवाद के कारण निर्माण नहीं शुरू हो पाया है। संबंधित एबीएसए से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके पश्चात इनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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