ट्रैक्टर ने चचेरे भाई-बहन को रौंदा,मौत

Ghazipur Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के गाजीपुर-वाराणसी राजमार्ग स्थित लंका पुलिस पिकेट के पास शनिवार की सुबह बेकाबू ट्रैक्टर ने बाइक सवार चचेरे भाई-बहन को रौंद दिया। गंभीर रूप सेे घायल दोनों भाई-बहनों की मौत हो गई। इस पर गुस्साए लोगों ने राजमार्ग पर चक्काजाम करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को तितर-बितर कर दिया। हादसे के चलते अति व्यस्त राजमार्ग पर दूर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई जिसके चलते काफी देर तक आवागमन अवरुद्ध रहा।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गंगा बिशुनपुर गांव निवासी राम बचन मौर्या की पुत्री सुमन कुशवाहा की शादी बरेसर थाना क्षेत्र के नई बस्ती अलावलपुर गांव निवासी श्रीकांत कुशवाहा के साथ हुई है। मायके में परिवार से ही जुड़े सदस्य की मौत की सूचना पर शनिवार की सुबह सुमन अपनी छह वर्षीया पुत्री पायल के साथ अपने भतीजे डब्लू के साथ बाइक पर सवार होकर मायके आ रही थी। लंका पुलिस पिकेट के पास पहुंचने पर नंदगंज से गाजीपुर शहर की ओर आ रहे मिट्टी से लदे ट्रैक्टर ने सामने से ही बाइक में धक्का मार दिया। इस पर बाइक पर सवार तीनों राजमार्ग पर गिर पड़े। इस बीच बेकाबू ट्रैक्टर सड़क पर गिरी मासूम बालिका पायल को रौंदते हुए आगे निकल गया। वहीं बालिका का चचेरा भाई डब्बू भी ट्रैक्टर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया जबकि सुमन को हल्की चोट आई। घायल बालिका की मौके पर ही मौत हो गई जबकि घायल चचेरे भाई ने वाराणसी जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस पर गुस्साए लोगों ने राजमार्ग पर चक्काजाम करने की कोशिश की। काफी संख्या में लोग राजमार्ग पर उतर आए। इस बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को खदेड़ना शुरू कर दिया। इससे राजमार्ग पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के चलते राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगने से काफी देर तक आवागमन अवरुद्ध रहा। सड़क पर पड़े बालिका के शव और क्षतिग्रस्त बाइक को कब्जे में लेने के बाद राजमार्ग पर यातायात सुचारू हुआ। पुलिस का कहना था कि इस मामले में अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

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पुलिस ने नहीं पकड़ा ट्रैक्टर
गाजीपुर। लंका पुलिस पिकेट पर सुबह के वक्त तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही से आरोपी चालक ट्रैक्टर लेकर भाग निकला। यह आरोप था प्रत्यक्षदर्शियों का। उनका कहना था कि हादसे के वक्त पुलिस आने-जाने वाले ट्रकों से वसूली करने में मशगूल थी। हादसे के बाद मिट्टी से भरा ट्रैक्टर वहां कुछ देर के लिए रुका। इस पर पिकेट के दो सिपाहियों ने ट्रैक्टर की चाभी भी निकाल ली लेकिन पुलिस दो बाइक सवारों को रोककर उन पर हादसे का आरोप मढ़ने लगी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी ट्रैक्टर चालक को चाभी सौंप दी जिसके चलते आरोपी राजमार्ग से होते हुए फरार हो गया। पुलिस का कहना था कि घेरेबंदी करके ट्रैक्टर को पकड़ लिया गया लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर पर मिट्टी लदी थी और पुलिस ने ट्रैक्टर कोई और पकड़ा है। लोगों का कहना था कि इस मामले की जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। एएसपी सिटी पीके मिश्र का कहना था कि मामला सही पाया गया तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
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इकलौती थी लाडली
गाजीपुर। हादसे में मारी गई बालिका पायल कुशवाहा अपने माता-पिता की इकलौती लाडली थी। उसकी मौत से मां पूरी तरह से बदहवास हो गई थी। बच्ची तथा भतीजे के शव को देखकर वह कभी धाड़ें मारकर रोती तो कभी तेज धूप में गश खाकर गिर रही थी। उसे ढांढस बंधाया जा रहा था लेकिन उसके आंसू थम नहीं रहे थे। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत होने से जहां बरेसर के अलावलपुर गांव का माहौल गमगीन हो गया। वहीं गंगा बिशुुनपुर गांव में विवाहिता के मायके में दुख का पहाड़ टूट पड़ा।
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लंका पर लगता है जाम
गाजीपुर। जाम के नाम से लंका क्षेत्र बदनाम हो चुका है। सुबह होते ही लंका तिराहे से लेकर सकलेनाबाद तक वाहनों के पहिए जहां-तहां थम जाते हैं। वजह पुलिस आने-जाने वाले वाहनों को डंडे पटक कर रोकती है। पिकेट के सिपाहियों की ट्रकों, ट्रैक्टरों, तथा आटो पर पैनी निगाह रहती है। यही नहीं सड़क की दोनों पटरियों पर ठेले-खोमचे वालों के साथ ही आटो, टैंपो का कब्जा रहता है। यह सब किसी भी वक्त देेखा जा सकता है लेकिन पुलिस को इसकी तनिक भी परवाह नहीं रहती। हादसे के बाद जब लोगों ने पुलिस पर यह आरोप लगाना शुरू किया तो पुलिस ने ठेले और खोमचे वालों को खदेड़ना शुरू किया। यही नहीं अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस ने फुटपाथ पर रखे कुछ सामनों को पुलिस ने पलट दिया।
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नौसिखिए चालक ले रहे जान
गाजीपुर। इस समय जिले में हो रही अधिकतर दुर्घटनाओं में व्यवसायिक रूप से चलने वाले ट्रैक्टर ही बेकसूरों की जान ले रहे हैं। क्षमता से अधिक ईंट, मिट्टी आदि ढोने वाले ट्रैक्टरों के अधिकांश चालक नौसिखिए और नाबालिक हैं। इनको सड़कों पर फर्राटा भरते हुए देखा जा सकता है लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी ऐसे चालकों पर शिकंजा कसने से कतरा रहे हैं। एएसपी सिटी पीके मिश्रा का कहना था कि यह मामला बेहद गंभीर है। परिवहन और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में ऐसे ट्रैक्टर चालकों पर जरूर शिकंजा कसा जाएगा।

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