बेरोजगारी भत्ते के लिए टूटने लगी आस

Ghazipur Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर Free में
कहीं भी, कभी भी।

70 वर्षों से करोड़ों पाठकों की पसंद

ख़बर सुनें
गाजीपुर। सपा ने चुनाव के दौरान वादे के मुताबिक सत्ता में आने के बाद बेरोजगारी भत्ता देने का आदेश तो दे दिया लेकिन अब आवेदन प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों को देख युवाओं में भत्ता पाने की आस अब टूटती नजर आ रही है। एक सप्ताह पहले शुरू हुई प्रक्रिया के बावजूद अब तक सेेवायोेजन कार्यालय में मात्र तीन फार्म जमा हुए हैं।
विज्ञापन

भत्ता पाने के लिए पात्रता के मुताबिक 15 मार्च तक रोजगार दफ्तर में पंजीकरण कराने वाले 30 से 40 साल तक के हाईस्कूल पास लोग ही पात्र होंगे। आयु की गणना एक अप्रैल को आधार मान कर किया जाएगा। अगर लाभार्थी एकल परिवार का मुखिया है तो उसका, उसकी पत्नी तथा बच्चों आदि सभी की आय 36 हजार सलाना से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसी प्रकार अगर लाभार्थी संयुक्त परिवार में रहता है तो उसके माता, पिता, भाई, बहन, पत्नी आदि सभी का मिलाकर वार्षिक आय डेढ़ लाख रुपये से अधिक नहीं होने की बाध्यता तय कर दी गई है। इसके लिए आय प्रमाणपत्र भी लगाना होगा। आवेदन फार्म के साथ आवेदक को बैंक का खाता संख्या भी देना है जो बैंक की ओर से प्रमाणित होना चाहिए। समस्त शैक्षिक प्रमाण पत्रों की छाया प्रति, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र के साथ ही आवेदन पत्र पर निर्धारित प्रारूपों को भी पूरा करने की अनिवार्यता तय की गई है। भत्ता के लिए आवेदन करने वाले लोगों का कहना है कि प्रक्रिया इतनी कठिन कर दिया गया है कि इसे पूरा करना आसान नहीं है। आय-जाति और अन्य प्रमाणपत्रों को बनवाने को लेकर उनका शोषण होना तय है।
जांच के बाद ही पात्रों का चयन
जिला सेवायोजन अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि पंजीकरण की प्रकिया तो हमेशा चलती रहती है। बेरोजगारी भत्ते के लिए 30 से 40 साल की आयु के वह लोग जिनका पंजीकरण 15 मार्च तक हुआ है उनकी संख्या करीब 33 हजार है। भत्ता के लिए आवेदन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित नहीं की गई है। फार्म जमा होने के बाद उनकी जांच की जाएगी उसके बाद भत्ता पाने वाले पात्रों का चयन किया जाएगा। कहा कि आवेदन करने वाले लोगों को बैंकों या अन्य कार्यालयों में परेशान न किया जाय इसके लिए प्रयास किया जाएगा।

युवाओं के साथ मजाक
लंका निवासी प्रदीप शर्मा ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि सपा सरकार ने युवाओं को बरगलाया है। जिसके पास भी आय का श्रोत नहीं होता है वह बेरोजगार होता है। तमाम प्रकार के नियम कानून में बांध कर कई पात्रों को भी इस भत्ता से वंचित कर दिया गया। 18 साल का वयस्क अगर मत का प्रयोग कर सकता है तो आमदनी का श्रोत नहीं होने पर वह बेरोजगार भी कहलाएगा।

बढ़ गया बेरोजगारों का दर्द
सराय निवासी युसूफ का मानना है कि सपा के घोषणा पत्र में बेरोजगारी भत्ता को शामिल करने से पहले ही लोगों को यह सब बातें सोचनी चाहिए थी। आज बेरोजगारों के दिल पर क्या बीत रही है। इस दर्द का अंदाजा कम से कम सत्ता दल के नेता तो नहीं समझ सकते। भत्ता की आस लगाए बेरोजगार आज निराश और हताश हो गए है।

सरकार की मंशा ठीक नहीं
सराय निवासी बाबी चौधरी का मानना है कि तीस साल के पहले भी हर युवा का अपना खर्चा होता है। अगर उसके पास आय का श्रोत नहीं है तो वह भी बेरोजगार है। आवेदन की प्रक्रिया कठिन कर दिया गया है, इससे शासन की मंशा का पता चल जाता है। बेरोजगारी भत्ता को लेकर जिस तरह के सपने संजोया गया था वह टूट गया।

भत्ता नहीं तो काम ही दें
लाल दरवाजा निवासी विशाल सैनी के मुताबिक सरकार अगर भत्ता नही दें सकती है, तो युवाओं को काम ही दें। आज हर बात को लेकर राजनीति किया जा रहा है। बेरोजगारी भत्ता हर युवा का वास्तव में व्यक्तिगत हित से जुड़ा मुद्दा था। युवाओं में सत्ता पलट देने की क्षमता होती है और इस बार यह सिद्ध भी हो चुका है। सरकार को युवाओं के लिए किसी तरह से आय को श्रोत बनाने के प्रति गंभीर होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us