मजदूरों के मसीहा थे चौधरी चरण सिंह

Ghazipur Updated Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
गाजीपुर। चौधरी चरण सिंह उस व्यक्तित्व का नाम है, जो आजीवन किसानों और मजदूरों की लड़ाई लड़ते रहे। एक वर्ग जो जमीन से जुड़ा हुआ कमजोर एवं गरीब है, उनके उत्थान के लिए आवाज उठाने वाले यदि कोई नेता था तो वे चौधरी साहब थे। उनका मत था कि गांवों के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है।
यह विचार चौधरी चरण सिंह की 25वीं पुण्यतिथि पर आयोजित गोष्ठी में पूर्वांचल राज्य निर्माण आंदोलन के प्रांतीय संयोजक एवं राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष रमाशंकर यादव ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय किसानों के मसीहा चौधरी साहब को ग्राम्य जीवन एवं किसानों की समस्याओं का पूर्णत: ज्ञान था। यदि वास्तव में देखा जाए तो राष्टपिता महात्मा गांधी के पश्चात चौधरी साहब दूसरे गांधी थे। जिन्होंने भूखमरी, गरीबी, शोषण, बदहाली का काफी नजदीक से देखा एवं पहचाना। इसी कारणवश चौधरी साहब ने कृषकों, मजदूरों एवं समाज में पिछड़ों के अधिकारों के खातिर आजीवन संघर्ष किया। वह गांधी के सिद्धांतों का जीवनभर अनुपालन करते रहे। उत्तर प्रदेश में जमींदारी उन्मूलन तथा भूमि सुधा कार्यक्रमों को एक नई दिशा मिली। चौधरी साहब ने 1953 में चकबंदी कानून तथा 1954 में भूमि संरक्षण कानून बनवाया। इससे कृषि को वैज्ञानिक रूप प्राप्त करने में सहायता मिली। रालोद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरिशचंद्र सिंह ने कहा कि चौधरी साहब का मानना था कि भारत गांवों का देश है और गांवों को विकास प्रक्रिया से अलग रखकर देश का विकास मुश्किल ही नहीं असंभव है। युवाध्यक्ष रामबोध यादव ने कहा कि चौधरी साहब एकमात्र ऐसे राजनीतिज्ञ थे, जो सबसे पहले राजनीतिक भ्रष्टाचार का खात्मा चाहते थे। वह भ्रष्टाचार के खात्मे के सबसे बड़े हिमायती थे। गोष्ठी को जिला उपाध्यक्ष जित्तन दादा, महासचिव रामराज कनौजिया, राजेश प्रसाद बिंद, जयप्रकाश यादव, चंद्रशेखर यादव, वीरेंद्र यादव, पारसनाथ यादव, राजेश प्रसाद, नन्हक यादव, सीताराम यादव, अमरनाथ यादव, दिनेश प्रताप, अशोक प्रसाद, सुदामा यादव, राजनाथ यादव, महेश यादव आदि ने भी चौधरी साहब के जीवन प्रकाश डाला। संचालन युवा उपाध्यक्ष रामदरश यादव ने किया। गोष्ठी से पूर्व जिलाध्यक्ष रमाशंकर यादव ने विकास भवन परिसर में स्थित चौधरी साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
पारसनाथ सिंह की अध्यक्षता में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर वक्ताओं ने उनके कार्यों की चरचा करते हुए उन्हें किसानों का नेता बताया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व विधायक रामनारायण सिंह कुशवाहा, बाबूलाल, जितेंद्र राय, कैलाश सिंह यादव आदि थे। संचालन हरिनारायण सिंह किया।

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