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पानी के लिए बहा दिया खून

Ghazipur Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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करंडा। थाना क्षेत्र के दीनापुर गांव में बीते रविवार को दो पक्षों के बीच पानी निकासी को लेकर हुए विवाद और मारपीट ने सोमवार की सुबह खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। गौड़ बिरादरी के पक्ष में चंदौली से आए आठ बदमाशों ने विपक्षी के घर हमला बोल दिया। उनके सिर पर इस कदर खून सवार था कि उन्होंने कुल्हाड़ी और फावड़े से परिजनों पर कातिलाना हमला करना शुरू कर दिया। इसपर लामबंद होकर ग्रामीणों ने चार हमलावरों को पकड़ लिया और उनकी जमकर पिटाई करने के बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया जबकि चार हमलावर भाग निकले। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को उपचार के लिए वाराणसी भेजा गया है। ग्रामीण हमले मेें नक्सलियों का हाथ होने की आशंका जता रहे थे लेकिन पुलिस अधीक्षक डीके चौधरी ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। इस मामले में एक पक्ष ने नौ तथा दूसरे पक्ष की ओर से पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है जिसमें सात घायलों को गिरफ्तार कर पुलिस उपचार करा रही है।
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दीनापुर गांव निवासी हीरा गौड़ की शादी चंदौली जिले के जनौली गांव निवासी बेइला देवी से हुई है। करीब एक सप्ताह पहले हीरा के घर में हैंडपंप लगा था, जिसका पानी गांव के ही निर्भय सिंह के दरवाजे की ओर बहता है। बीते रविवार को निर्भय सिंह ने हीरा पर दबाव बनाया कि वह पानी को पाइप लगाकर अन्यत्र गिराएं। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। हीरा का आरोप था कि विवाद के बाद विपक्षियों ने उसके पुत्र को मारपीट कर सिर फोड़ दिया। इसके बाद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करा दिया। यही नहीं निर्भय सिंह ने हीरा के पुत्र की मरहम-पट्टी भी कराई। लेकिन यह मारपीट हीरा की पत्नी बेइला को खटकने लगा। उसने इसकी जानकारी अपने मायके जनौली (चंदौली) वालों को दी। इस पर सोमवार की सुबह चंदौली से आठ लोग चार मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दीनापुर गांव पहुंचे और बेइला से घटना की जानकारी लेने के बाद निर्भय सिंह आदि को बुलाने को कहा। बेइला जब उन लोगों को बुलाने गई तो उन्होंने आने से मना कर दिया। इस पर चंदौली से आए सुभाष गौड़, मैनेजर गौड़, चंद्रमा गौड़, रामप्रताप गौड़ सहित अन्य चार लोग टांगी, फावड़ा और डंडा लेकर निर्भय सिंह के दरवाजे पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी। इस पर विपिन चंद्र के पुत्र निर्भय प्रताप सिंह उर्फ टिंकल, अजय और रविंद्र सिंह के पुत्र राजा सहित घर के अन्य लोग बाहर निकले। उनके बाहर आते ही सुभाष आदि ने टांगी- डंडे से उनपर हमला करना शुरू कर दिया। इसमें निर्भय सिंह, अजय कुमार सिंह और राजा गंभीर रूप से घायल हो गए। खूनी संघर्ष और शोर सुनकर घर की महिलाएं बीच-बचाव के लिए दौड़ पड़ी। साथ ही मौकेे पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए । हथियारों से लैस हमलावरों को देख वे आगबबूला हो गए और उन की घेरेबंदी कर ली। इसमें चार हमलावर टांगी और गड़ासा भांजते हुए भाग निकले, जबकि सुभाष, मैनेजर, चंद्रमा और रामप्रताप अपने को घिरा देख हीरा गौड़ के घर में घुस गए। ग्रामीणों ने हमलावरों की जमकर धुनाई की। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों से सात घायलों को सीएचसी लाई। जहां चंद्रमा और रामप्रताप गौड़ की गंभीर हालत देख उनको वाराणसी के लिए रेफर कर दिया जबकि शेष पांच घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। घायल निर्भय सिंह तथा उनके समर्थकों का कहना था कि हमले में नक्सलियों का हाथ है। सीओ सिटी मुकेश चंद ने इस घटना की जांच कर प्रारंभिक रिपोर्ट एसपी को सौंपी। एसपी ने साफ किया कि घटना दो पक्षों में विवाद और प्रतिष्ठा को लेकर हुई। इसमें दोषियों के खिलाफ पुलिस सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।
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