कटान पीडि़तों का जख्म अभी भी है हरा

Ghazipur Updated Wed, 07 May 2014 05:30 AM IST
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विस्थापित कैंपों में जैसे-तैसे काट रहे दिन
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गंगा कटान से पिछले वर्ष 377 परिवार बेघर
संवाददाता
मुहम्मदाबाद। बलिया लोकसभा चुनाव में गंगा कटान एक बड़ा मुद्दा है। इस लोकसभा क्षेत्र के बैरिया विधानसभा और मुहम्मदाबाद विधानसभा के दर्जनों गांव गंगा की कटान से जबरदस्त प्रभावित है। सेमरा एवं शिवरायकापुरा में पिछले वर्ष गंगा कटान से 377 परिवार बेघर होकर आज भी विस्थापित कैंपों में खानाबदोश की जिंदगी जी रहे हैं।
मुहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र के गौसपुर से वीरपुर तक एक दर्जन से अधिक गांव गंगा कटान से प्रभावित है। 20 किलोमीटर लंबी इस कटान पट्टी में सैकड़ों लोगों की हजारों एक कृषि भूमि गंगा में समाहित हो चुकी है। तीन-चार वर्ष में गंगा कटान से सर्वाधिक नुकसान शिवरायकापुरा एवं सेमरा गांव में हुआ है। दो किलोमीटर दूर बह रही गंगा खेतों को अपने अंदर समाहित करते हुए गांव तक पहुंच गई। पिछले दो वर्षों में शिवरायकापुरा के 75 प्रतिशत एवं सेमरा के 30 प्रतिशत घरों को अपनी आगोश में ले लिया। पिछले जुलाई में गंगा में घर गिरने जो शुरू हुआ तो यह क्रम नवंबर तक जारी रहा। 377 परिवार सड़क पर आ गए। कुछ लोग अपने रिश्तेदारों के यहां अपना सामान लेकर चले गए तो कुछ लोग प्राथमिक विद्यालय प्रथम एवं द्वितीय, जूनियर हाईस्कूल सेमरा, जच्चा-बच्चा केंद्र सेमरा, प्राथमिक एवं जूनियर हाईस्कूल मुहम्मदाबाद तथा कृषि उत्पादन मंडी समिति यूसुफपुर में अपने मवेशियों के साथ शरण लिए हुए है। गांव से बाहर रहने पर उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। नेता एवं अधिकारी एक वर्ष से आश्वासन की घुट्टी पिला रहे हैं। स्थानीय विधायक की मांग पर जिलाधिकारी ने लोहिया आवास देने का वादा किया था, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ। प्रशासन की ओर से स्पेशल पैकेज के तहत 401 परिवारों का इंदिरा आवास के लिए चयन किया गया है, लेकिन जब तक पीडि़तों को भूमि नहीं मिलेगी, आवास कहां बनेगा। गांव बचाओ आंदोलन के संयोजक प्रेमनाथ गुप्त का कहना है कि गौसपुर से वीरपुर तक कटान की जद में आने वाले गांवों को बचाने के लिए बाढ़ नियंत्रण बोर्ड पटना की सिफारिशों को लागू करना होगा।
इनसेट
अब 17 सौ मीटर होगा ठोकर निर्माण
मुहम्मदाबाद। सेमरा एवं शिवरायकापुरा को बचाने के लिए राज्य सरकार ने गंगा के किनारे 560 मीटर ठोकर बनाने के लिए 2 करोड़ 93 लाख रुपये स्वीकृत कर चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले कार्य शुरू करा दिया। गांव वाले निर्माण स्थल को लेकर विरोध प्रकट करते रहे, लेकिन अधिकारियों ने दो टूक जवाब दे दिया कि जहां कार्य योजना स्वीकृत है, वहीं कार्य कराया जाएगा। पिछले दिनों निर्माण कार्य का निरीक्षण करने लखनऊ से आए सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता अवध नरेश गुप्त ने बताया कि ठोकर का निर्माण अब 560 मीटर की जगह 17 सौ मीटर तक कराया जाएगा। इसके लिए 3205 लाख रुपये की कार्ययोजना बनाई गई है। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद चुनाव बाद कार्य शुरू कराया जाएगा।
इनसेट
नेता आए और आश्वासन देकर चले गए
मुहम्मदाबाद। गंगा धीरे-धीरे सेमरा गांव की तरफ बढ़ती रही और गांव के बचाने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया। दो वर्ष पहले क ई दशकों पुराने विशाल वट वृक्ष को गंगा की उफनाती धाराओं जब अपने अंदर समाहित कर लिया और घरों का गिरना शुरू हुआ तो नेताओं का गांव में आना शुरू हो गया। सांसद नीरज शेखर, पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय, विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी, प्रदेश के मंत्री ओमप्रकाश सिंह, कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह आदि ने दौरा किया और कटान रोकने का उपाय केंद्र सरकार से कराने का आश्वासन देकर चले गए। पिछले महीने पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह, खेल मंत्री नारद राय एवं सांसद नीरज शेखर ने ठोकर निर्माण का शिलान्यास कर कार्य शुरू कराया। अब देखना है ठोकर से गांव बचता है या पूर्व के निर्माण कार्य की तरह यह भी गंगा की धाराओं में विलीन हो जाता है।
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