‘घर में चार लोग, दो की हत्या दो बचे जिंदा’

Ghaziabad Updated Mon, 25 Nov 2013 05:44 AM IST
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गाजियाबाद। आरुषि-हेमराज मर्डर मिस्ट्री में सीबीआई का सिर्फ एक सवाल डिफेंस की फाइनल बहस पर भारी रहा। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था। आज भी लोग अपने-अपने तर्क और कयास लगाकर सवाल का जवाब तलाश रहे हैं। फैसले के बाद शायद लोगों को इस सवाल का जवाब मिल जाए।
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फाइनल बहस के अंतिम दिन 12 नवंबर को डिफेंस के अधिवक्ता सत्यकेतु सिंह ने कोर्ट में डिफेंस ने गोल्फ स्टिक का प्रदर्शन कर बताया था कि जिस तरह की चोट आरुषि-हेमराज को आई थीं, वह किसी भी एंगल से स्टिक से आना संभव नहीं है। डिफेंस का कहना था कि हत्या किसने और क्यों की, यह जांच करना सीबीआई का काम है। सीबीआई ने अभी तक जो थ्योरी पेश की है, उसकी कोई कड़ी ठीक से नहीं जुड़ी है। डिफेंस ने सीबीआई की जांच सिर्फ संभावनाओं पर आधारित बताया था। डिफेंस का कहना था कि सीबीआई ने तलवार दंपति पर यह आरोप लगाया कि दोनों ने हेमराज की लाश को चादर में लपेटकर मकान की छत पर पहुंचाया जबकि सीबीआई उस चादर को भी आज तक बरामद नहीं कर सकी है। न ही घर में किसी चादर या किसी अन्य वस्तु के जलाने का कोई निशान मिला।
डिफेंस की इस बहस के बाद लोक अभियोजक बीके सिंह ने अंतिम काउंटर दाखिल करते हुए दंपति को कटघरे में खड़ा कर दिया था। लोक अभियोजक का कहना था कि ‘घर में चार व्यक्ति थे। इनमें से दो की मौत हो गई। घर में न कोई बाहर से आया और न ही गया। ऐसे में साफ है कि तलवार दंपति ने ही दोनों की हत्या की है।’
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