ऑडिट की गठरी खुली तो प्रशासन पर 372 करोड़ बकाया

Ghaziabad Updated Thu, 21 Nov 2013 05:44 AM IST
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गाजियाबाद। जिला प्रशासन गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का कर्जदार है। कर्ज भी छोटा-मोटा नहीं, बल्कि पूरे 372 करोड़ की रकम पिछले कई वर्षों से जिला प्रशासन दबाए बैठा है। खास बात यह है कि जीडीए भी अपनी इस रकम को भूले बैठा था। जीडीए वीसी के आदेश पर पुरानी फाइलों का ऑडिट किया गया तो बकाया रकम का पता चला। जीडीए अब अपनी बकाया रकम वापसी की तैयारी में जुटा है। जीडीए वीसी का कहना है कि इस राशि को जनहित योजनाओं में खर्च किया जाएगा।
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जब से जीडीए का गठन हुआ है, तब से अब तक जीडीए ने विभिन्न योजनाओं को अमली जामा पहनाने के लिए 1450 करोड़ से ज्यादा का भुगतान जिला प्रशासन को किया है। वीसी संतोष यादव के आदेश पर चार माह से जीडीए के ऑडिटर पुरानी फाइलों के ऑडिट में लगे हुए थे। जीडीए के गठन के बाद के समय से सभी फाइलों को खंगाला जा रहा था। बुधवार को ऑडिट रिपोर्ट जीडीए वीसी संतोष यादव को सौंपी गई। रिपोर्ट देखकर जीडीए वीसी भी हैरान रह गए।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार जीडीए के 372 करोड़ गाजियाबाद जिला प्रशासन पर बकाया हैं। जीडीए वीसी ने बताया कि जीडीए ने विभिन्न योजनाओं और किसानों को भुगतान के लिए समय-समय पर कुल मिलाकर करीब 1450 करोड़ रुपया दिया था। आज तक जीडीए ने इस रकम का हिसाब नहीं लिया था। ऑडिट से पता चला है कि सभी भुगतान पूरे होने के बाद भी इस पूरी रकम में से जिला प्रशासन के पास 372 करोड़ रुपया शेष है। जीडीए वीसी का कहना है कि यह रकम जीडीए की है। इसे जिला प्रशासन से वापस लिया जाएगा।
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