‘विधिक महत्व नहीं रखता नौकरों का नार्को टेस्ट’

Ghaziabad Updated Thu, 24 Oct 2013 05:42 AM IST
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गाजियाबाद। सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने डिफेंस की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें डिफेंस ने नेपाल-1 चैनल की मालिक नलिनी सिंह और सीबीआई डिप्टी एसपी अनुज आर्य को तलब करने की मांग की थी। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि नौकर राजकुमार, विजय मंडल और कृष्णा का नार्को टेस्ट विधिक महत्व नहीं रखता है। मामले को विलंब करने के उद्देश्य से डिफेंस ने यह अर्जी दी है। लिहाजा इसे खारिज किया जाता है। बृहस्पतिवार को डिफेंस अब अपनी फाइनल बहस शुरू करेगा। डिफेंस ने तर्क दिया कि तीनों नौकरों ने अपने नार्को टेस्ट में यह बात स्वीकार की थी कि घटना वाली रात वह हेमराज के कमरे में बैठकर नेपाल-1 चैनल पर नेपाली गीत सुन रहे थे। सीबीआई के डीएसपी अनुज आर्य ने इस बाबत चैनल-1 की मालिक नलिनी सिंह को बताकर घटना वाले दिन प्रसारित कार्यक्रमों की सूची हासिल की थी। इस आधार पर डिफेंस ने यह समझाने का प्रयास किया कि वारदात की रात घर में उनके अलावा तीनों नौकर भी थे। जवाब में अभियोजन के पीपी आरके सैनी और बीके सिंह का कहना था कि अभियोजन का पक्ष समाप्त हो चुका है। डिफेंस के अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर ने 15 अक्तूबर को मौखिक रूप से कोर्ट में कहा था कि वह 21 अक्तूबर से फाइनल बहस शुरू करेंगे। लेकिन डिफेंस ने बहस न करके यह अर्जी केस को विलंब करने के उद्ेश्य से दी है।
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