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मेट्रो की राह में निगम का रोड़ा

Ghaziabad Updated Tue, 12 Feb 2013 05:31 AM IST
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186 करोड़ की फंडिंग को निगम कार्यकारिणी ने नकारा
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गाजियाबाद। दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक आने वाली मेट्रो की रफ्तार थमती दिख रही है। सोमवार को हुई कार्यकारिणी बैठक में पार्षदों ने फंडिंग करने से साफ इंकार किया। अब प्रस्ताव को शासन के पाले में डालकर इसके लिए विशेष पैकेज मांगा जाएगा।
कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र त्यागी ने कहा कि फंड की कमी से निगम सड़क , सीवर, पानी की मूलभूत सुविधाएं भी ठप हैं। ऐसी स्थिति में नगर निगम 186 करोड़ रुपये मेट्रो के सीवर, सड़क, पेयजल व्यवस्था पर खर्च करे। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष और भाजपा पार्षद अनिल स्वामी ने फंडिंग के लिए ज्वाइंट वेंचर के चयनित भूमि का ब्योरा तहसीलदार से मांगा तो उसकी डिटेल नहीं दे पाए।

ज्वाइंट वेंचर के तहत हाऊसिंग स्कीम के लिए चयनित भूमि पर भी कानूनी पेंच फंस गए। अकबरपुर-बहरामपुर में चरागाह और अर्थला में डूब क्षेत्र की भूमि को चिन्हित किया है। दोनों ही जगह पक्का निर्माण नहीं हो सकता।
आदेशों पर रोक
बीओटी का मुद्दा सोमवार को कार्यकारिणी में भी उठा। कार्यकारिणी ने नगर आयुक्त के बीओटी आदेशों के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगा दी। सदस्यों का कहना है कि एक्ट के मुताबिक नीति निर्धारण का काम एक्जीक्यूटिव कमेटी के अलावा कोई नहीं कर सकता। नगर आयुक्त ने एक तरफा नीति निर्धारित की है। कार्यकारिणी ने सभी बीओटी के प्रस्तावों को डिटेल के साथ बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
30 प्रस्ताव मंजूर
नगर निगम सदन के गठन के बाद दूसरी कार्यकारिणी बैठक में 31 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। मेट्रो प्रस्ताव को छोड़ कार्यकारिणी ने विकास कार्यों के 30 प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी। पूर्व में पास किए गए प्रस्तावों की रिपोर्ट नहीं दिए जाने पर कार्यकारिणी ने निगम अधिकारियों को चेतावनी जारी की और अगली बैठक में प्रगति रिपोर्ट के साथ विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कार्यकारिणी ने पुराने प्रस्तावों को 31 मार्च तक अमली जामा पहनाने के निर्देश दिए।
बैठक शुरू होते ही कार्यकारिणी सदस्यों ने वार्डों में ठप पड़े विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को घेर लिया। जीएम बाबूलाल से नाराजगी जताते हुए उन्होंने समस्याओं पर जवाब तलब किया। जीएम को स्पष्टीकरण देना पड़ा। कार्यकारिणी ने महानगर में फैली गंदगी पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा.आरके यादव से भी स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने नई मशीनें खरीदी जाने के बाद सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिलाया।
बैठक में घुसीं जटवाड़ा की महिलाएं
सीवर और पेयजल की समस्या का महीनों से समाधान न होने सेे आक्रोशित जटवाड़ा की महिलाओं ने नगर निगम में जमकर हंगामा किया। गुस्साई महिलाएं कार्यकारिणी मीटिंग में ही पहुंच गईं। महिलाओं को कर्मचारियों ने किसी तरह समझाकर मीटिंग हाल से बाहर निकाला।
छीने अधिकार
कार्यकारिणी ने एमएनए की मनमानी को देखते हुए यह अधिकार वापस ले लिया, जिसमें उन्हें अपने स्तर पर फैसले लेने का अधिकार दिया था। एमएनए कार्यकारिणी में नहीं पहुंचे थे। अपर नगर आयुक्त निरुपमा मिश्रा उनकी जगह मौजूद रहीं।
महापौर बैकफुट पर
मीडिया और पार्षद पतियों की बैठक में एंट्री पर रोक लगाने का दावा करने वाले महापौर अगले ही दिन बैकफुट पर नजर आए। मीडिया को रोकने पर पार्षदों ने नाराजगी जताई तो महापौर बोले, मैं तो मीडिया से बाहर बैठने का अनुरोध कर रहा था।
हथियार लेकर पहुंचे सदन में
सोमवार को एक पार्षद पति के साथ आया युवक सरेआम रिवाल्वर लेकर कार्यकारिणी में बैठा रहा। लेकिन रोकने की बात तो दूर किसी ने टोका भी नहीं।

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