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‘बेबस’ मुसाफिर इंतजाम फेल

Ghaziabad Updated Sun, 10 Feb 2013 05:31 AM IST
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आफत भरा रहा हड़ताल का दूसरा दिन
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दिनभर मारामारी नहीं मिली सवारी
गाजियाबाद। रोडवेज की अनुबंधित बसों की हड़ताल के दूसरे दिन मुसाफिर कराह उठे। बसों के अभाव में लोगों ने ऑटो-टैक्सियों का सहारा लिया। उन्होंने मनमाने किराए पर मंजिल तक पहुंचाया। रूटों पर चलने वाली 200 बसों के पहिए थमने से मुसाफिर ‘बेबस’ हो गए हैं।
परिवहन अधिकारियों की ओर से शनिवार को मात्र 16 बसों की व्यवस्था की गई थी। जबकि पांच अनुबंधित बसों को खींचकर जबरन चलवाया गया। मेरठ जाने वालों ने मुरादनगर-मोदीनगर तक ऑटो से यात्रा की, इसके बाद मेरठ के ऑटो में बैठकर गए।

सीन एक: सुबह 8 बजे
पुराने बस अड्डे पर काफी संख्या में यात्री जमा थे। जिन्हें हड़ताल की जानकारी थी वे ऑटो में बैठकर निकल लिए, जिन्हें दूर जाना था वे बसों की तलाश में भटक रहे थे। बसों का कहीं नामोनिशान नहीं था। लोग पूछते घूम रहे थे, बसें आखिर गई कहां। हड़ताल का पता चलने पर रोडवेज की बसों का इंतजार करने लगे।
सीन दो 10:30 बजे
पुराने बस अड्डे पर जैसे ही मेरठ से रोडवेज बस पहुंची मुसाफिरों की भीड़ उस पर टूट पड़ी। हर कोई जैसे तैसे करके बस में बैठना चाहता था। खिड़की से न चढ़ सके तो शीशे खोलकर चढ़ने लगे। महिलाएं और बच्चे तो बैठ ही नहीं सके। दो मिनट में ही पूरी बस भर गई। जिन्हें बस के अंदर जगह न मिली वे छत पर बैठ गए।
हड़ताल के कारण थोड़ी परेशानी हो रही है। बस आपरेटर्स को समझाने का प्रयास जारी है। आसपास के जनपदों से सहयोग कर बसों को चलवाया जा रहा है। एसके शर्मा, आरएम रोडवेज
परिवहन विभाग के अफसरों की मनमानी के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। मांगें पूरी होते ही बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। -प्रमोद फौजी, उपाध्यक्ष, बस आपरेटर्स यूनियन

अतिरिक्त वाहन मांगे
गाजियाबाद। हड़ताल के लंबा खिंचने की हालत में रोडवेज रूट्स पर निजी बसें चलाई जाएंगी। आरएम ने आरटीओ से करीब सौ बस देने की बात कही है। आरटीओ भी तैयारी के लिए मन बना चुका है।
शिकायत पुलिस तक
यूनियन के आरडी पिपिल ने बताया कि आरएम ने फोन पर १ घंटे में बस संचालन शुरू न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इसकी शिकायत पुलिस से की है। आरएम का आरोप है कि यूनियन ने बदसलूकी की।
...अगली आफत के लिए भी हो जाइए तैयार
गाजियाबाद। परिवहन निगम की अनुबंधित बसों की आफत झेल रहे मुसाफिरों को फिर ऐसे हालात से गुजरना होगा। परिवहन निगम की बसों के पहिए 20 व 21 फरवरी को नहीं चलेंगे। इस हड़ताल में अधिकारी भी कर्मचारियों के साथ रहेंगे। डीजल बढ़ोतरी के विरोध में देशभर के परिवहन निगम एकजुट होकर हड़ताल पर रहेंगे। परिवहन निगम 20-21 फरवरी को प्रदेश में हड़ताल रखेगा, कर्मचारी-अधिकारी जगह-जगह रोड जाम भी करेंगे। हड़ताल में गाजियाबाद की 550 सहित यूपी की सभी 6500 बसों का संचालन ठप रहेगा। इसमें गाजियाबाद सर्किल के पांच हजार सहित 36000 कर्मी हड़ताल करेंगे। यूपी रोडवेज कर्मचारी महासंघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य चौधरी ओमवीर सिंह ने बताया कि दो दिन सांकेतिक हड़ताल होगी।

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