‘गम के सागर में क्या डूबना मुस्कुराने की कोशिश करो’

Ghaziabad Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
गाजियाबाद। जिस जगह भी अंधेरा मिले, जगमगाने की कोशिश करो, गम के सागर में क्या डूबना, मुस्कुराने की कोशिश करो...अपनी इन पंक्तियों से कवियत्री तुलिका सेठ ने जिंदगी के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने को कहा।कायाकल्प साहित्य कला फाउंडेशन की ओर से भारतीय मूल के कनाडा से आए डा. मनमोहन सिंह के सम्मान में काव्य संध्या आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि ओम प्रकाश चतुर्वेदी ‘पराग’ ने की। काव्य संध्या में देश के वर्तमान हालात पर वार करते हुए कवि कुंवर बेचैन ने कहा कि ‘‘जल रहा है देश सारा और हम खामोश हैं, जर्रा-जर्रा है अंगारा और हम खामोश हैं’’। डा. मनमोहन सिंह को सम्मानित किया। काव्य संध्या में तारा गुप्ता, डा. मधु भारती, राजेंद्र निगम, कमलेश भट्ट कमल, अभिषेक सेठ आदि ने काव्य पाठ किया।

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