श्री रघुनाथ नाम तजि नाहिन आन आधार ...

Ghaziabad Updated Wed, 24 Oct 2012 12:00 PM IST
सुल्लामल में लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण और मेघनाद वध के साथ सुलोचना सती का मंचन हुआ
कविनगर में लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण और मेघनाद वध
संजयनगर में भी लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण, मेघनाद वध का मंचन हुआ

गाजियाबाद। शहर में मंगलवार को सभी रामलीलाओं में लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण- मेघनाद वध का मंचन हुआ।
संजयनगर रामलीला
लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण मेघनाद वध और सुलोचना सती प्रसंग का मंचन हुआ। लक्ष्मण जी से युद्ध के बाद मेघनाद वापस आता है तब कुंभकर्ण युद्ध के लिए रणक्षेत्र में आता है। श्रीराम की सेना उसका वध कर देती ह। मेघनाद फिर युद्ध करता है और वीरगति को प्राप्त होता है। अंत में सुलोचना सती का मंचन हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष रवींद्र सिंह राणा, प्रदीप चौधरी, राजेश शर्मा मौजूद रहे।
सुल्लामल रामलीला
सुल्लामल रामलीला में मंगलवार को लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण मेघनाद वध और सुलोचना सती का मंचन हुआ। लक्ष्मण जी जब युद्ध में मूर्छित हो जाते हैं तब उनके प्राण बचाने के लिए श्री हनुमान संजीवनी बूटी लेने जाते हैं। जब वह अयोध्या के ऊपर से गुजरते हैं तब भरत जी को लगता है कि कोई राक्षस है, वह उन पर बाण चला देते हैं। हनुमान-भरत संवाद का मंचन भी कलाकारों ने किया। जब माता सुमित्रा को पता चलता है कि राम यज्ञ में लक्ष्मण को बाण लग गया है तो वह शत्रुघ्न को बुलाकर कहती हैं कि अब श्रीराम के पास तुम जाओ और उनका सहयोग करो। युद्ध में कुंभकर्ण और मेघनाद का वध और सुलोचना सती का मंचन किया गया। इस दौरान सुभाष चंद गुप्ता, अजय बंसल, मनोज गोयल, ज्ञान प्रकाश गोयल, सुबोध गुप्ता, अशोक गोयल, सौरभ, विनय मौजूद रहे।
कविनगर रामलीला
कवि नगर रामलीला में लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण-मेघनाद वध का मंचन हुआ। मेघनाद जब लक्ष्मण जी पर ब्रह्मात्र छोड़ता है, तब लक्ष्मण जी सोचते हैं कि अगर इससे बच जाते हैं तो यह ब्रह्मा जी का अपमान होगा। इसलिए वह बाण से बचने की कोशिश नहीं करते और मूर्छित हो जाते हैं। उसके बाद हनुमानजी संजीवनी लाते हैं और संजीवनी से उनके प्राणों की रक्षा होती है। उसके बाद युद्ध होता है और युद्ध में श्रीराम जी कुंभकर्ण और मेघनाद का वध कर देते हैं। यह संदेश दिया जाता है.. श्री रघुनाथ नाम तजि नाहिन आन अधार... श्रीराम नाम का जो त्याग करता है, उसके लिए फिर दुनिया में कोई आधार नहीं बचता है। यहां रामकुमार तोमर, उपाध्यक्ष अजय जैन, भूपेंद्र चोपड़ा, ललित जायसवाल, सत्येंद्र शर्मा, आरपी गुप्ता, मनीष जैन, वेदपाल कुशवाहा, संजय सिंह नरेंद्र सक्सेना आदि रहे।
पुतलों की सुरक्षा में खाकी
गाजियाबाद। दशहरा पर्व के चलते रामलीलाओं में बनाए गए रावण, कुंभकरण और मेद्यनाद के पुतलों की सुरक्षा के लिए खाकी को तैनात कर दिया गया है। मेले के दौरान कोई असामाजिक तत्व किसी वारदात को अंजाम न दे सके, इसके लिए सादे वस्त्र में भी पुलिसकर्मी पब्लिक के बीच मुस्तैद रहेंगे। दशहरा की पूर्व संध्या पर पुलिस के आलाधिकारियों ने सभी थानेदारों को सुरक्षा बरतने संबंधी आवश्यक निर्देश दिए। एसपी सिटी शिव शंकर यादव ने बताया कि कई इलाकों में हो रही रामलीलाओं के चलते यह कदम उठाया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से रावण और अन्य पुतलों की सुरक्षा की जा रही है। दशहरा पर इन पुतलों का दहन होना है। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति को पुतलों के करीब नहीं जाने दिया जाएगा। घेरा बनाकर सुरक्षा व्यवस्था चौकस रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि खुफिया विभाग के अधिकारी भी पब्लिक के बीच मुस्तैद रहेंगे।

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