10 रुपये में पोस्टमार्टम

Ghaziabad Updated Mon, 08 Oct 2012 12:00 PM IST
तंगदिल सरकार : यूपी में नहीं बदले जा रहे अंग्रेजों के समय में बने नियम
एक शव के पोस्टमार्टम का दिया जाता है सिर्फ इतना ही पैसा
1986 से प्रति शव 10 रुपये का पेमेंट मिल रहा डाक्टर्स को
फार्मासिस्ट् को 4 रुपये और स्वीपर को तो महज 3 रुपये ही
गाजियाबाद। 24 घंटे की पोस्टमार्टम ड्यूटी और उसके बाद बरसों-बरस तक कोर्ट कचहरी के चक्कर। इस काम के बदले डाक्टरों को सरकार कितना पैसा देती है, यह जानकर कोई भी हैरत में पड़ जाएगा। सरकार जब-जब उनसे पोस्टमार्टम का काम कराती है तो उन्हें हर शव के विच्छेदन का पेमेंट 10 रुपया भिजवाती है। डाक्टरों को सरकार की ऐसी तंगदिली पसंद नहीं आ रही और वे दबी जुबान में विरोध कर रहे हैं।
पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों के साथ सरकार शुरू से ऐसी ही कंजूसी दिखाती आ रही है। 1956-1986 तक उन्हें एक शव के पोस्टमार्टम के बदले 2 रुपये दिए जाते थे। 1986 में सरकार मेहरबान हुई और डाक्टरों का भुगतान दो रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया। उस समय पेट्रोल की कीमत बीस रुपये से भी नीचे होती थी।
अब पेट्रोल अस्सी पार जा चुका है मगर पोस्टमार्टम पेमेंट अब तक दस रुपये पर ही अटका पड़ा है। इससे भी ज्यादा हैरत की बात ये है कि पोस्टमार्टम करने वाली टीम में शामिल फार्मेसिस्ट को महज 4 रुपये और स्वीपर को सिर्फ 3 रुपये दिए जाते हैं। डाक्टर्स कहते हैं कि जिस दिन भी उनकी पोस्टमार्टम ड्यूटी लगती है तो उन्हें पूरे 24 घंटे उसी काम में लगना पड़ता है। इसके बाद जब मामले कोर्ट में चलते हैं तो गवाही के लिए कितनी ही बार वहां भी जाना पड़ता है। पोस्टमार्टम ड्यूटी के बदले सरकार से जो मिलता है, उसे किसी को बता भी नहीं सकते। कई डाक्टर तो ऐसे हैं जो पोस्टमार्टम करने का पैसा ही नहीं लेते। सरकार को इस बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।

पोस्टमार्टम में 16 डाक्टर
संयुक्त जिला अस्पताल और एमएमजी चिकित्सालय से मिलाकर कुल 16 डाक्टर पोस्टमार्टम करते हैं। जिसमें से आठ संयुक्त जिला अस्पताल, 6 एमएमजी, 1 महिला चिकित्सालय और 1 पीएसी अस्पताल के डाक्टर पोस्टमार्टम करते हैं।

Spotlight

Most Read

Kanpur

एक्सप्रेस-वे का काम अधूरा, टोल टैक्स देना पड़ेगा पूरा 

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर 19 जनवरी की मध्य रात्रि से टोल टैक्स तो शुरू हो जाएगा लेकिन एक्सप्रेस-वे पर तैयारियां आधी-अधूरी हैं। एक्सप्रेस-वे के किनारे न रेस्टोरेंट बने और न होटल। कई जगह पर बैरीकेडिंग टूटने से जानवर भी सड़क  पर आ जाते हैं।

18 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: इस बंदर और कुत्ते की दोस्ती एक मिसाल है

अक्सर हम सब ने बंदर और कुत्ते की दुश्मनी देखी है लेकिन हापुड़ में बंदर और कुत्ते के बच्चे का प्यार इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।

15 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper