अक्तूबर की शुरुआत, आफत के साथ

Ghaziabad Updated Fri, 28 Sep 2012 12:00 PM IST
गाजियाबाद। केंद्र सरकार की आर्थिक सुधार नीतियों की तपिश ने अक्तूबर की शुरुआत ही आफत से भरी कर दी है। घरों का बजट तो पहले ही बिगड़ चुका था। अब रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल का संकट पहले सप्ताह में होगा। रेलवे और रोडवेज में बढ़ा किराया जेब ढीली करेगा। यही नहीं पिछले दिनों बढ़े डीजल के दाम ने जरूरत की चीजों को महंगा कर दिया है। कुल मिलाकर घूमना फिरना, खाना, सैर सपाटा सब अब दूर की कौड़ी होने वाला है।


गाजियाबाद। केंद्र सरकार के फैसलों ने अक्तूबर की गुलाबी ठंड में भी लोगों के पसीने छूटने का इंतजाम कर दिया है। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक अक्तूबर को गैस वितरक हड़ताल पर रहेंगे। पेट्रोल-डीजल संचालक तेल कंपनियों से माल नहीं मंगाएंगे। रेल के एसी कोच और बसों के किराए में बढ़ोतरी होने से सफर करना महंगा होगा। डीजल की कीमतों का असर अब जरूरी चीजों पर दिखने लगा है। अनाज, तेल-घी, चीनी, दाल, सब्जी, फल समेत सभी चीजों के दामों में उछाल है। इस स्थिति से तो यही अंदाजा लगता है कि महीने की शुरुआत लोगों पर खासी भारी पड़ने वाली है।


एक सप्ताह तक रसोई गैस का संकट
सिलेंडरों की कीमतें एक रखने समेत कई मांगों को लेकर गैस वितरक एक अक्तूबर को सांकेतिक हड़ताल करेंगे। गैस सिलेंडरों के वितरण में पहले ही एक सप्ताह का बैकलॉग चल रहा है। 30 सितंबर को रविवार, एक अक्तूबर को हड़ताल और दो अक्तूबर को गांधी जयंती के कारण तीन दिन सप्लाई रुकने से यह बैकलॉग 10 दिनों तक पहुंच सकता है। मतलब साफ है कि रसोई गैस की किल्लत से आपको रूबरू होना ही पड़ेगा।

तीन और चार को पेट्रोल डीजल लेने में होगी मुश्किल
कमीशन बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने एक और दो अक्तूबर को तेल कंपनियों से सप्लाई न मंगाने का फैसला किया है। एसोसिएशन महामंत्री ब्रजमोहन सिंघल ने बताया कि दो वर्षों में पेट्रोल के दामों में 30 और डीजल में करीब 20 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। डीलर्स का कमीशन पहले जितना ही है। 2010-11 में पेट्रोलियम मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग) अपूर्व चंद्रा की अध्यक्षता में समिति बनी थी। समिति ने डीलर्स का कमीशन प्रतिशतता के आधार पर बढ़ाने की संस्तुति की थी। अब तक इस पर अमल नहीं हुआ है। इसलिए यह फैसला लिया गया है। दो दिन सप्लाई ठप होने का असर अगले दो दिनों तक दिखेगा।

खाना पीना भी हुआ महंगा
डीजल की कीमतों ने माल भाडे़ में 20 से 25 फीसदी का इजाफा कर दिया है। यही इजाफा जनता की जेब पर बोझ बन गया है। आटा, दाल, चीनी, घी-तेल, मसालों के साथ ही फल, सब्जी आदि की कीमतें आसमान छू रही हैं। आटे की कीमतों में दो से तीन रुपये और चीनी की कीमतों में 3 से पांच रुपये का उछाल है। गाजियाबाद रिटेलर एसोसिएशन महामंत्री देवेंद्र हितकारी ने बताया कि आटे का दाम 17 रुपये से 20 रुपये और चीनी का दाम 34 से 40 रुपये हो गया है। नवरात्र में मांग बढ़ने पर और इजाफे से इंकार नहीं किया जा सकता। आलू-सब्जी आढ़ती श्रीपाल यादव ने कहा कि अक्टूबर में सब्जियों की आवक बढ़ने के साथ ही कीमतें घटने लगती हैं। इस बार अभी तक तेजी बरकरार है। टमाटर 40 रुपये और आलू 16 रुपये प्रतिकिलो की दर से बिक रहा है। माल भाड़े में वृद्धि का असर अनाज से लेकर दैनिक इस्तेमाल की सभी चीजों की कीमतों पर पड़ता है।

सफर करना जेब पर होगा भारी
फेस्टिवल सीजन में रेल और रोडवेज का सफर महंगा पड़ेगा। सर्विस टैक्स लगने से एक अक्तूबर से एसी के तीनों क्लास के किराया बढ़ जाएगा। सफर के दौरान टीटीई बढ़ा किराया लेंगे। रेलवे को एसी श्रेणियों में मिलने वाली सर्विस टैक्स छूट इस महीने में खत्म हो रही है। नई दिल्ली-लखनऊ स्वर्ण शताब्दी के फर्स्ट क्लास में सफर करने वालों को अब 1555 के करीब बजाय 1600 रुपए अदा करना पड़ेगा। चेयरकार के लिए 700 की जगह करीब 725 रुपए देने होंगे। नई दिल्ली-कानपुर शताब्दी के फर्स्ट क्लास के यात्रियों को 1215 के बजाय 1260 और चेयरकार के यात्रियों को 605 के स्थान पर 625 रुपए देने होंगे। गोल्डन टेंपल में गाजियाबाद से जालंधर तक फर्स्ट एसी के यात्रियों को 1320 की जगह करीब 1365 और सेकेंड एसी के यात्रियों को 775 की जगह 801 रुपया देना पड़ेगा। जबकि थर्ड एसी के यात्रियों को 526 के बजाय 546 रुपए अदा करना पड़ेगा। नई दिल्ली से जम्मू तक फर्स्ट एसी में सफर करने वालों को 1780 के स्थान पर 1830 रुपए का भुगतान करना पड़ेगा। सेकेंड एसी के यात्रियों को 1020 की जगह 1058 रुपए अदा करना पड़ेगा। थर्ड क्लास के यात्रियों को 693 के स्थान पर 718 रुपए देने होंगे। नई दिल्ली से इलाहाबाद के लिए फर्स्ट क्लास का किराया 1830 के बजाय 1900 और सेकेंड क्लास के लिए 1075 के स्थान पर 1115 रुपए अदा करना पड़ेगा।

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