रामा इंजीनियरिंग कॉलेज बंद

Ghaziabad Updated Sun, 23 Sep 2012 12:00 PM IST
गाजियाबाद। यूपीएसईई काउंसलिंग में नए खुले इंजीनियरिंग कॉलेजों का खाता न खुलने का असर अब सेशन शुरू होने के साथ ही दिखाई देने लगा है। एडमिशन न होने का हवाला देकर रामा इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस, पिलखुवा ने पिछले सप्‍ताह से कॉलेज को बंद करने का ऐलान कर दिया है। कॉलेज प्रबंधन के अचानक लिए गए निर्णय के बाद पिछले वर्ष और इस वर्ष काउंसलिंग से और डायरेक्ट एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है। हालांकि कॉलेज प्रबंधन ने क्लोजर रिपोर्ट एमटीयू को भेज दिए जाने की बात कही है। जबकि एमटीयू ने किसी भी क्लोजर रिपोर्ट के मिलने से इनकार किया है।
मामला पिलखुवा स्थित रामा इंजीनियरिंग कॉलेज का है। जहां बीटेक और बीटेक बायोटेक कोर्स संचालित है। पिछले साल काउंसलिंग के जरिए 11 स्टूडेंट्स ने विभिन्न बीटेक की विभिन्न ब्रांच में एडमिशन लिया था। वहीं, इस साल बायोटेक में पांच और बीटेक में एक भी एडमिशन काउंसलिंग के जरिए नहीं हुआ। हालांकि, करीब 100 स्टूडेंट्स ने इस साल बीटेक में डायरेक्ट एडमिशन लिया है। अब प्रबंधन द्वारा कॉलेज बंद किए जाने के बाद प्रथम वर्ष के छात्र परेशान हैं। उधर, अचानक कॉलेज बंद किए जाने से कॉलेज कर्मचारियों और छात्र तनाव में हैं। प्रबंधन ने स्टाफ को नोटिस जारी करने की तैयारी की है।


काउंसलिंग के बाद कॉलेजों की स्थिति
प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों की 1.40 लाख सीटों के लिए हुई काउंसलिंग के प्रथम चरण में मात्र 31 हजार सीटें ही भर पाई थी। सेकेंड काउंसलिंग के खत्म होने के बाद विवि ने कॉलेज प्रबंधन को काउंसलिंग के बाद खाली सीटें स्वयं भरने की अनुमति दे दी थी। सेकेंड काउंसलिंग और सीधे प्रवेश की अनुमति के बाद भी 91 हजार सीटें ही भरी और 49 हजार सीटें खाली बच गईं।

एडमिशन के लिए कॉलेज की तलाश
कॉलेज बंद होने के बाद प्रथम वर्ष के स्टूडेंट्स गाजियाबाद और नोएडा, ग्रेटर नोएडा के विभिन्न कॉलेजों में एडमिशन लेने में जुटे गए हैं।

‘इस साल काउंसलिंग से एक भी प्रवेश नहीं हुआ। स्टूडेंट्स के न होने और फंड की कमी के कारण कॉलेज मैनेजमेंट कॉलेज चलाने की स्थिति में नहीं था। इसलिए कॉलेज बंद कर दिया गया। प्रथम वर्ष में डायरेक्ट एडमिशन लेने वाले छात्रों का प्रवेश दिलाया जाएगा। एमटीयू और एआईसीटीई को क्लोजर के लिए अप्लाई कर दिया गया है।’ - आरसी चौधरी, डायरेक्टर एडमिन
‘एनसीआर के आठ कॉलेजों ने एमटीयू को क्लोजर के लिए अप्लाई किया है लेकिन रामा इंजीनियरिंग कॉलेज ने न तो एमटीयू और न ही एआईसीटीई क्लोजर रिपोर्ट पेश की है। क्लोजर रिपोर्ट एफिलेशन कमेटी के जरिए शासन को भेजी जाती है और वहां से अनुमति के बाद ही कोई कॉलेज बंद किया जा सकता है। कॉलेज मिड टर्म में नहीं बल्कि सेशन खत्म होने के बाद ही बंद किए जा सकते हैं। कॉलेज मैनेजमेंट मिड टर्म में कॉलेज बंद ही नहीं कर सकता है।’
- पुष्यपति सक्सेना, रजिस्ट्रार एमटीयू


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