गलत तरीके से लगाई जा रही है एंटी रैबीज वैक्सीन

Ghaziabad Updated Wed, 29 Aug 2012 12:00 PM IST
गाजियाबाद। वैक्सीन कोई भी हो, उसे लगाने का खास क्रम और टाइमिंग होती है। सरकारी अस्पतालों में रैबीज वैक्सीनेशन के नाम पर मजाक सा होता दिख रहा है। टाइम पर वैक्सीन लगाने की बजाए मरीजों को चक्कर लगवाए जा रहे हैं और उन्हें वैक्सीन की पूरी डोज भी नहीं दी जा रही है। यह स्थिति मरीजों के लिए बहुत खतरनाक साबित हो रही है। अभी तक रैबीज इंफेक्शन का कोई उपचार संभव नहीं है। ऐसे में बचाव ही इसका इलाज है। प्रापर वैक्सीनेशन से रैबीज का खतरा टल जाता है। कुत्ता, बिल्ली, बंदर के काटने पर वैक्सीन की पहली डोज मरीज को उसी दिन दी जानी चाहिए। फिर 3, 7, 21, 45 और 90 दिन पर वैक्सीन लगाने का नियम है। 180 दिन पर बूस्टर डोज की सलाह दी जाती है। सरकारी अस्पतालों में नियम तोड़कर वैक्सीनेशन हो रहा है। एक वायल से पांच- सात रोगियों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है, जिसका किसी को लाभ नहीं मिलता। मंगलवार को कैला भट्टा निवासी राशिद, विजयनगर की रेखा, शास्त्रीनगर के मोहित, डासना के फईमुद्दीन को बिना वैक्सीनेशन के ही एमएमजी अस्पताल से लौटा दिया गया। उन्हें आने में थोड़ी देर हो गई थी। सीएमएस डा. अंबरेश वर्मा कहते हैं कि अस्पताल में वैक्सीन की कोई प्रॉब्लम
नहीं है।

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