नन्ही राखी ः सीडब्‍ल्यूसी होगी भंग!

Ghaziabad Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
गाजियाबाद। नियमों के खिलाफ जाकर नन्ही ‘राखी’ को गोद देने का फैसला सीडब्ल्यूसी के लिए फांस बन गया है। डीएम ने इसके खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेज दी है। शासन सीडब्ल्यूसी को भंग करने का आदेश सुना सकता है।
रक्षा बंधन पर संजय नगर के शनि मंदिर की सीढ़ियों नवजात राखी मिली थी। प्रशासन ने बच्ची को संजय नगर के संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। 8 अगस्त को राखी को रामपुर भेजने का सीडब्ल्यूसी ने फैसला सुनाया। राखी रामपुर राजकीय बाल गृह भेजी गई। वहां उसे प्रवेश नहीं दिया तो बच्ची को वापस ले आया गया। 24 अगस्त को सीडब्ल्यूसी ने प्रशासन को जानकारी दिए बगैर ही अस्पताल कर्मचारी को बच्ची सौंप दी। डीएम ने सीडब्ल्यूसी की शिकायत महिला एवं बाल विकास के प्रमुख सचिव से की है।
फंस गए सीएमएसः संजय नगर अस्पताल के सीएमएस रामपुर के राजकीय बाल गृह की बुराई कर फंस गए हैं। उन्होंने डीपीओ को पत्र लिख राजकीय बाल गृह की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
संजय नगर अस्पताल में पैदा हुई थी राखी
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक राखी रक्षा बंधन से तीन-चार दिन पहले संजय नगर के संयुक्त जिला अस्पताल में ही पैदा हुई थी। अस्पताल स्टाफ में पहले दिन से इसकी चर्चा है। लेकिन, अस्पताल प्रशासन ने मामला बाहर तक नहीं आने दिया।
सीडब्ल्यूसी ने कानून तोड़ा है। मामला गंभीर है। इसकी शिकायत शासन कर दी गई है। शासन के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुराने फैसलों की भी समीक्षा की जाएगी।
- अपर्णा उपाध्याय, डीएम

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