आयोग ने मांगा बाल मजदूरों का ब्यौरा

Ghaziabad Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
गाजियाबाद। बाल मजदूरों को चिह्नित कर उनका पुनर्वास कराने में नाकाम सरकारी मशीनरी से राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) खफा है। आयोग ने एक बार फिर प्रशासन से बाल मजदूरों को ईंट भट्ठा और दूसरे खतरनाक उद्योग से मुक्त कराने का हिसाब मांगा है।
मई में प्रेरणा सेवा संस्थान के संस्थापक तरुण गुप्ता ने एनसीपीआर से ईंट भट्ठों पर बाल मजदूरों के काम करने की शिकायत की थी। एनसीपीसीआर सदस्य योगेश दुबे ने 4 जून को डीएम के साथ बैठक कर मामले की समीक्षा की थी। साथ ही बाल मजदूरों का पुनर्वास और शिक्षा आदि का इंतजाम कराने के कहा था। डीएम ने श्रम विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके श्रम विभाग एक भी बाल श्रमिक को चिह्नित नहीं सका। एनसीपीसीआर ने प्रशासन को रिमाइंडर भेज 20 दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है। सहायक श्रम आयुक्त सरजूराम शर्मा ने बताया कि ईंट भट्ठों की जांच की गई थी। बाल मजदूर नहीं मिले। फिलहाल भट्ठे बंद हैं। एनसीपीसीआर को रिपोर्ट भेज दी गई है।

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