कोई कुछ नहीं बोलेगा!

Ghaziabad Updated Tue, 21 Aug 2012 12:00 PM IST
उद्यमी पुनीत अग्रवाल अपहरण कांड
एसटीएफ-पुलिस का लिखित दावा : अपरहण, फिरौती और पकडे़ गए बदमाश
गाजियाबाद। नेहरूनगर थर्ड के निवासी उद्यमी पुनीत अग्रवाल का 17 दिन पहले अपहरण हुआ था। गाजियाबाद ही नहीं, हापुड़-बुलंदशहर तक इसके चर्चे हुए। लेकिन उद्यमी के परिवार वाले डर से यह बात छिपाते रहे। पुलिस भी अंजान बनी रही। उद्यमी घर लौटे तो दूर तक फिर चर्चे हुए, मगर घरवालों ने कहा कि वह रिश्तेदारी से लौटे हैं, थके हैं, सो रहे हैं। अब उद्यमी के अपहरण, बरामदगी, और गैंग की धरपकड़ का प्रेस नोट एसटीएफ और गाजियाबाद पुलिस ने जारी किया है, मगर मुद्दे पर सीधे कोई बोलने को तैयार नहीं है। एसटीएफ कहती है कि एसएसपी से पूछो। एसएसपी ने सीओ सेकेंड और सीओ ने प्रेस नोट पढ़ने की सलाह दे दी। उद्यमी के घरवाले आज भी एक ही रट लगाए हैं कि हमें कुछ नहीं मालूम।
सोमवार दोपहर तक जिन बदमाशों के जल्द पकड़े जाने का दावा पुलिस अधिकारी कर थे, वह बदमाश एक दिन पहले रविवार को ही मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए जा चुके थे। यह बात भी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है। सोमवार शाम को प्रेस नोट जारी किए। दोनों ही में पकडे़ गए आरोपियों के नाम भी अलग-अलग थे।

एसटीएफ की कहानी
मुखबिर की सूचना के बाद रविवार दोपहर शाहपुर-बम्हैटा जंगल में कुछ बदमाशों के फिरौती की रकम बांटे जाने की सूचना मिली थी। गाजियाबाद पुलिस के सहयोग से मुठभेड़ के बाद गांव भदौड़ा मेरठ के विकास उर्फ फौजी, उसके भाई अमरपाल और कादराबाद मोदीनगर के इंद्रजीत को टीम ने धर दबोचा। इनसे फिरौती की रकम के 3 लाख बरामद हुए। इनकी निशानदेही पर भोजपुर के गांव जोया निवासी ओमवती, काजीपुरा मसूरी से ओमवीरी और गांव तिबड़ा बीबीनगर से जगवीर को गिरफ्तार किया गया। इन तीनों के पास से भी 80-80 हजार की रकम बरामद हुई।

पुलिस की कहानी
गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक शाहपुर-बम्हैटा के जंगल से विकास उर्फ फौजी, अमरपाल, इंद्रजीत के अलावा मां-बेटा ओमवती, सुनील कुमार और सतबीर को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से फिरौती की 5.40 लाख की रकम बरामद हुई। दोनों ही प्रेस नोट में दो अभियुक्त सुनील कुमार और सतबीर के नाम अलग हैं। जबकि एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार दर्शाए गए आरोपी जगबीर और ओमबीरी की गिरफ्तारी का जिक्र पुलिस प्रेस नोट में नहीं है।

कैसे हुआ था अपहरण
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीबी नगर के गांव तिबड़ा निवासी हरेंद्र जाट कुछ साल पहले उद्यमी पुनीत अग्रवाल की फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। अपहरण की साजिश उसी ने रची। इसमें हरेंद्र ने अपने साथ भोलू उर्फ अरविंद, सुनील, अमित, बिट्टू उर्फ विक्टर, मनोज, गणेश जाट, विकास उर्फ फौजी, अमरपाल, इंद्रजीत, सतबीर के अलावा 4 अन्य बदमाशों को साथ मिलाया। 3 अगस्त को अपहरण इनोवा कार से किया। भोलू, हरेंद्र, सुनील, अमित और उनके एक साथी ने इसे अंजाम दिया। उद्यमी को बाबूगढ़ थाना के गांव दयानतपुर में गणेश जाट के गन्ने के खेत में रखा गया। 35 लाख की फिरौती के बाद ही उद्यमी को छोड़ा गया।

मामला कविनगर थाने में दर्ज था। हमारी टीम ने बदमाश पकड़कर कविनगर पुलिस के हवाले कर दिए। हमारा काम समाप्त। अब कविनगर पुलिस ही मीडिया को बताए। - अनंत देव तिवारी, एसपी एसटीएफ

अभी किसी अन्य कार्य में व्यस्त हूं। इस संबंध में सीओ प्रवीन रंजन से बात कर लें। वही जानकारी देंगे। - प्रशांत कुमार, एसएसपी गाजियाबाद

इसमें हमने कुछ नहीं किया। यह काम एसटीएफ का था। उन्होंने ही बदमाश पकडे़ और थाने में दाखिल करके चले गए। अब ज्यादा जानकारी है नहीं। जितना प्रेस नोट में है। बस उतना ही है, उसे पढ़ लो। - प्रवीन रंजन, सीओ सेकेंड

हमें कुछ नहीं कहना। हमने कोई तहरीर भी पुलिस को नहीं दी। वैसे भी हम बाहर आए हुए हैं। ऐसे में बात हो पाना भी संभव नहीं है। - डीआर अग्रवाल, अपहृत उद्यमी पुनीत अग्रवाल के पिता

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