2005 में एसडीएम ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट

Ghaziabad Updated Mon, 20 Aug 2012 12:00 PM IST
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गाजियाबाद। सरकारी जमीन को कब्जाने के मामले में मोती गोयल के पिता लज्जाराम और आवास विकास के बीच पहला मुकदमा 1997 में कोर्ट में चला। इसके बाद 2005 में एसडीएम सदर की जांच में कई मामले खुले।
आवास विकास परिषद के एडवोकेट राजवीर त्यागी की माने तो मोती गोयल के पिता लज्जाराम गोयल ने पहली बार 1997 में परिषद की जमीन पर अपना हक जताया था। मामला कोर्ट में चला और फैसला लज्जाराम के पक्ष में हुआ। 2005 में मोती गोयल के खिलाफ तत्कालीन एसडीएम सदर राजेश प्रकाश ने जांच के बाद मामला दर्ज कराया। मोती गोयल पर गांव प्रहलाद गढ़ी 66760 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा करने का मामला कोर्ट में चल रहा है।
सिकंद्राबाद में भी 89 पट्टों की 10 लाख वर्ग मीटर जमीन का घोटाले सामने आया था। इस जमीन की कीमत उस समय छह सौ करोड़ रुपये बताई गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। मामले में सीबीआई ने मोती गोयल, रोहताश शर्मा, देवेंद्र सिंह, चरन सिंह, जितेंद्र माहेश्वरी, रजनी गोयल, वंदना गोयल, रामलखन और शाकुंत पाल सिंह के खिलाफ 22 दिसंबर 2006 को चार्जशीट दाखिल की थी।

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