जनरल मेरिट में पिछड़ों का दबदबा

Ghaziabad Updated Sat, 11 Aug 2012 12:00 PM IST
गाजियाबाद। चौधरी चरण सिंह विवि से संबद्ध कालेजों में जारी मेरिट (बीए) में इस बार जाति आरक्षण का नया ट्रेंड देख रहा है। जनरल ओपन मेरिट में आरक्षित कैटगरी के स्टूडेंट्स की संख्या सामान्य वर्ग से ज्यादा है। कई जगह तो 80 फीसदी स्टूडेंट्स ओबीसी तथा एससी-एसटी कैटगरी के हैं। एक्सपर्ट इसके कई कारण बता रहे हैं।
गाजियाबाद के वीएमएलजी कालेज में जनरल मेरिट (बीए) में 50 फीसदी से अधिक छात्राएं एसी-एसटी और ओबीसी हैं। यहां ओबीसी वर्ग की छात्रा जनरल मेरिट में टॉप पर हैं। राजकीय डिग्री कालेज नंदग्राम के बीए कोर्स में सामान्य वर्ग की 70 सीटों पर जारी मेरिट में मात्र 10 स्टूडेंट ही सामान्य वर्ग के हैं। एमएमएच और एसडी कालेज की मेरिट में भी यही स्थिति है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा नहीं है कि सामान्य वर्ग स्टूडेंट्स के नंबर कम हैं या वे पिछड़ रहे हैं।

जनरल एजूकेशन में रोजगार की संभावना कम है। ऐसे में सामान्य वर्ग का छात्र स्टैंडर्डराइज्ड कोर्सेज (इंजीनियरिंग, मेडिकल) को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। जो स्टूडेंट्स बच रहे हैं वे अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज और जॉब ओरिएंटेड ऑफ बीट कोर्सेज की ओर जा रहे हैं। हालांकि जागरुकता से ओपन मेरिट में आरक्षित वर्ग स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ी है। यह शिक्षा को लेकर सामाजिक बदलाव का अच्छा संकेत है।
- एके जैन, समाजशास्त्री, एमएमएच कॉलेज

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