आखिर क्यों होता है जलभराव

Ghaziabad Updated Thu, 02 Aug 2012 12:00 PM IST
अफसर शहर के लोगों के प्रति नहीं हैं गंभीर, कब तक ऐसे रहेंगे हालात
गाजियाबाद। निगम अफसरों को महानगर के लोगों की चिंता नहीं है। यही कारण है कि हर साल एक ही समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। लोगों की गाढ़ी कमाई का करोड़ों रुपया सफाई केनाम पर नालों में झोंका जाता है, लेकिन सफाई नहीं कराई जाती।
महानगर में नालों की सफाई पर पांच साल में 52 करोड़ का बजट खर्च किया गया। जबकि जलभराव समस्या दूर करने के लिए मात्र 23 करोड़ की जरूरत है। कारण साफ है। यदि एक बार नालों को जलनिकासी लायक बना दिया जाता, तो हर कमीशन के नाम पर मिलने वाले लाखों रुपये कहां से मिलते। गोशाला अंडरपास का जलभराव एक दशक बाद भी जस का तस नहीं होता। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हल्की बारिश में ही यहां जलभराव होने से पांच लाख की आबादी का शहर से संपर्क कट जाता है। निगम अफसरों के पास ऐसा कोई चार्ट तक नहीं है, जिसमें नालों के चोक होने, अतिक्रमण होने, जलभराव होने या सिल्ट भरी होने का रिकार्ड हो।

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