...सब मंच का तमाशा था

Ghaziabad Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
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मंच से नीचे खड़ा करने पर भड़क गए कई पुराने पार्षद
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d अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद। चुनाव जीतकर सदन में आई नगर निगम की नई बॉडी का पहला अनुभव ही कड़वा रहा। 80 पार्षदों के संग नवनिर्वाचित मेयर तेलूराम कांबोज की शपथ तो हुई मगर पूरा कार्यक्रम भागमभाग में खत्म हो लिया। शपथ परंपरा के जानकार सीनियर पार्षदों ने इसे सम्मान के खिलाफ साजिश करार दे डाला और बीच समारोह हंगामा मचा दिया। सबसे ज्यादा विरोध मंच से नीचे पार्षदाें की भीड़ खड़ी कर शपथ दिलाने को लेकर हुआ। अफसरों को अपनी गलती का एहसास तब हुआ, जब आधे पार्षद मंच के नीचे खड़े होकर भी शपथ ले चुके थे। बाकी लोगोें को इसके बाद मंच नसीब कराया गया मगर कड़वाहट फिर भी नहीं निकली।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि निगम अफसर शपथ ग्रहण समारोह के नाम पर सिर्फ औपचारिकता के मूड से आए थे। नियमानुसार पार्षदों को 10-10 की संख्या में मंच पर बुलाकर शपथ दिलानी चाहिए थी। इसके विपरीत अफसरों ने पार्षदों की 20-20 की लाइन लगवाई और वह भी मंच के नीचे। कई बार से जीतक र सदन में आ रहे पार्षद राजेंद्र त्यागी ने साथी पार्षदों के साथ इसे सबके सम्मान के खिलाफ बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। अफसरों ने इसके बाद पार्षदों को मंच किनारे खड़े करने की बात कही मगर पार्षद नहीं माने। आखिरकार अफसरों को बाकी बचे 40 पार्षदों को मंच पर बुलाकर ही शपथ करानी पड़ी।
नेताओं के परिजन रहे बेहाल
समारोह में पार्षदों के परिजनों के लिए कोई स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया था। वे यहां-वहां भटकते रहे। जगह नहीं मिलने के कारण तमाम लोग यहां-वहां खड़े रहे और परेशान होते देखे गए।

सरकारी कार से घर गए मेयर
मेयर तेलूराम कांबोज निगम की सरकारी कार से अपने निवास को रवाना हुए। उन्होंने कार में बैठने से पहले हाथ जोड़कर सभी का आभार व्यक्त किया और फिर परिजनों के साथ कार में सवार हुए। वह आज बृहस्पतिवार को 11 बजे अपने कार्यालय पहुंचेंगे।

मुद्दा सम्मान का
पार्षदों ने अफसरों के रवैय्ये को गलत बताया। पार्षद राजेंद्र त्यागी और अनिल स्वामी ने कहा कि मेयर के शपथ ग्रहण के बाद कमिश्नर, डीएम और नगर आयुक्त को बुके भेंट कर उनका स्वागत करना चाहिए था। मेयर को संबोधन के लिए माइक पर आमंत्रित किया जाता। इतना ही नहीं पार्षदों को बैठने के लिए अलग से स्थान आवंटित किया जाता मगर समारोह में अफसरों को आगे बैठाकर प्रतिनिधियों को पीछे भीड़ में बैठा दिया गया।
दो फाइलें रहीं गायब
शपथ ग्रहण की दो फाइल पार्षद लेकर चले गए। इसके लिए मंच से बार-बार आवाज लगाई जाती रही। बाद में निगम कर्मी पार्षदों के घर से फाइलों को वापस लाए।

सात पार्षदों ने लगाए अंगूठे
शपथ ग्रहण के समय निगम प्रशासन सभी प्रतिनिधियों को हस्ताक्षर के लिए फाइल दी गई थी। इसमेें शपथ के साथ भरा जाने वाला फार्म था। 12 पार्षदों ने कागज पर उर्दू में दस्तखत किए। 20 ने अंग्रेजी में हाथ चलाया तो 41 ने हिंदी मेें। बाकी बचे 7 तो उन्होंने अंगूठा दिखाया और अंगूठा ही लगाया।

सांसद आए न एमएलए
मेयर और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में सांसद राजनाथ सिंह, अजित सिंह के साथ क्षेत्रीय विधायकों के बैठने को स्थान तय किया गया था। लेकिन आरक्षित सोफे खाली पड़े रहे। पूर्व मेयर दिनेशचंद गर्ग के साथ वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप तलवार, पूर्व सांसद एसपी गोयल, पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी, कृष्णवीर सिरोही, भाजपा महानगर संयोजक सरदार एसपी सिंह, इंद्रजीत टीटू, सुनील यादव, ओमप्रकाश शर्मा, श्यामवीर चौधरी, रामप्रसाद प्रधान, आदि शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मौजूद रहे। संचालन अपर नगर आयुक्त एके सिंह और अध्यक्ष जिलाधिकारी अपर्णा उपाध्याय ने की।

सुधन नहीं आए, सिकंदर जमे रहे
समारोह में सपा समर्थित प्रत्याशी सुधन रावत नहीं पहुंचे, जबकि सिकंदर यादव और श्यामवीर चौधरी अंत समय तक जमे रहे। सपा से विधानसभा का चुनाव लड़े पवन शर्मा, सांसद राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, पूर्व मेयर दिनेश चंद गर्ग आदि मौजूद रहे।



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