चलती ट्रेन से उतरने की गलती, लेक्चरर के दोनों पैर कटे

Ghaziabad Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
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गाजियाबाद। चलती ट्रेन से नीचे उतरने के प्रयास में बुधवार सुबह स्टेशन पर लेडी लेक्चरर के दोनों पैर कट गए। अलीगढ़ की प्रेस कालोनी निवासी लेक्चरर (25) मीना रानी कैफियत एक्सप्रेस में अलीगढ़ से गाजियाबाद के लिए सवार हुई थीं। मीना को इस बात की जानकारी नहीं थी कि ट्रेन गाजियाबाद में नहीं रुकती है। सुबह करीब सात बजे वह गाजियाबाद स्टेशन पर उतरने के लिए गेट पर खड़ी थीं। जब उन्होंने देखा ट्रेन प्लेटफार्म नंबर पांच क्रास करने लगी तो वह चलती ट्रेन से कूद गईं। इस दौरान संतुलन खोने से वह गिर गईं। ट्रेन की चपेट में आने से उनका एक पैर वहीं कट गया जबकि दूसरा पांव डाक्टरों को इलाज के दौरान काटना पड़ा। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ के जवान प्लेटफार्म पर पहुंचे। मौके पर रेलवे डाक्टर को बुलाया गया, प्राथमिक इलाज के बाद मीना को जिला एमएमजी अस्पताल भेजा गया। जहां ए पाजिटिव ब्लड न मिलने से इलाज में थोड़ी देर हुई। हालत गंभीर होने के कारण डाक्टरों ने उन्हें यशोदा अस्पताल रेफर कर दिया। डाक्टरों ने बताया कि सुबह 10 बजे तक मीना रानी की हालत गंभीर थी, लेकिन अब वह खतरे से बाहर हैं। उसे आईसीयू में रखा गया है। जीआरपी के वरिष्ठ उपनिरीक्षक पंकज लवानिया ने बताया कि डेढ़ साल से मीना रानी दुहाई (मुरादनगर) स्थित आरडी इंजीनियरिंग कालेज में लेक्चरर हैं। वह गोविंदपुरम में किराए के मकान में रहती हैं। मीना के पर्स में केवल आईडी प्रूफ मिला, जिस पर घर का पता अधूरा था। उनके मोबाइल में फीड नंबर से परिजनों को सूचित किया गया। मीना की छोटी बहन ने बताया कि वह अलीगढ़ प्रेस कालोनी के रहने वाले हैं और पिता ओम प्रकाश प्रेस इन्फार्मेशन ब्यूरो में अधिकारी हैं।
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नहीं देखी जा रही बेटी की हालत
यशोदा अस्पताल के प्रतीक्षालय में कुर्सी पर बैठी मीना कुमारी की मां का बुरा हाल था। भाई और बहन के पैर एक स्थान पर टिक नहीं रहे थे। उन्होंने बताया कि जैसे ही घटना की सूचना मिली उनके होश उड़ गए। वह किस तरह अलीगढ़ से गाजियाबाद पहुंचे उन्हें खुद नहीं पता है। मां ने बताया कि बेटी की हालत देखी नहीं जा रही है। उसकी जिंदगी बेरंग हो गई है। उसने कई सपने संजोए थे।
... पापा मेरे सपनों का क्या होगा
गाजियाबाद। लेक्चरर मीना कुमारी की जरा सी लापरवाही ने उसकी जिंदगी में दुख की दास्तां लिख दी। इतना ही नहीं उसके सपनों को भी चकनाचूर कर दिया। स्ट्रेचर पर दर्द से कराह रही मीना बार-बार पिता और मां को पुकार रही थी। उसके मुंह से एक ही शब्द निकल रहा था कि पापा मेरे सपनों का क्या होगा, जिस मुकाम के लिए वह अलीगढ़ छोड़कर गाजियाबाद आई थी वह कैसे पूरा होगा। परिजनों ने बताया कि मीना बचपन से ही पढ़ने में तेज थी। उसका सपना था कि वह ऐसे मुकाम पर पहुंचना चाहती है जहां से वह परिचय का मोहताज न रहे। लेक्चरर मीना कुमारी की बहन ने बताया कि वह पिछले डेढ़ साल से गाजियाबाद के गोविंदपुरम में किराए के मकान में रहती है। क्योंकि यहां से दुहाई स्थित आरडी इंजीनियरिंग कालेज नजदीक पड़ता है।

ट्रेन के सामने कूदा युवक
लोनी (ब्यूरो)। लोनी के अमर विहार कॉलोनी निवासी विकास (24) बुधवार शाम बेहटा बंद फाटक पर दिल्ली से शामली जा रही ट्रेन के सामने कूद गया। इससे उसके पैर कट गए। पुलिस ने उसे जीटीबी अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया है। उसकी मां उषा देवी ने बताया कि बुधवार पत्नी से झगड़ा कर वह घ्ार से निकला था।
छात्र ट्रेन से कटा
मुरादनगर। रेलवे स्टेशन पर बुधवार शाम ट्रेन की चपेट में आकर पटेल नगर गाजियाबाद निवासी संदीप (17) की मौत हो गई। संदीप आईटीआई का छात्र था और किसी काम से यहां आया था।
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