अब तो हर रोड पर जाम और बस जाम

Ghaziabad Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
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03 दिन तक और कैद रहेंगे गाजियाबादी
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साहिबाबाद /गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर किए गए ट्रैफिक डायवर्जन से शहर की हर सड़क पर जाम लगा हुआ है। रविवार से एनएच-58 के बंद होने से अगले तीन दिन तक शहरवासी घरों में कैद हो जाएंगे।
शनिवार को डेढ़ घंटे थमा जीटी रोड
सुबह आठ बजे जीटी रोड का ट्रैफिक पूरी तरह थम गया था। मोहन नगर से अप्सरा बार्डर तक डेढ़ घंटे गाड़ियां खड़ी रहीं। इससे आगे हिंडन के लिए वाहन रेंग रहे थे। यही हाल लिंक रोड का भी रहा। इस पर मोहन नगर से आगे जाने वाले ऑटो और विक्रम भी रोक दिए गए थे।
अवैध कटों से निकलना जारी
नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की ओर से अवैध कटों पर बल्लियों से बैरीकेडिंग की गई है। इसके बावजूद लोगों का इसके नीचे से निकलना जारी है। इससे भी कई बार दूसरी ओर से आर रही गाड़ियों की लंबी कतारें लग जा रही थीं।
छह सिपाही, 15 सिविल डिफेंस
डायवर्जन के महत्वपूर्ण प्वाइंट मोहन नगर तिराहे पर ट्रैफिक पुलिस के छह कर्मचारी और सिविल डिफेंस के 15 सदस्य ट्रैफिक संभाल रहे हैं। लेकिन इनके पास किसी भी तरफ का ट्रैफिक रोकने के लिए रस्सी या बैरीकेटिंग का इंतजाम नहीं है।
शिविरों के पास से हटा दी बैरीकेटिंग
कांवड़ शिविरों के पास कांवड़ियों के आने-जाने के लिए की जाने वाली बैरीकेटिंग शनिवार को हटा दी गई थी। इससे पैदल चल रहे कांवड़िए तो असुरक्षित हो गए। साथ ही पैदल और गाड़ियों के एक ही रास्ता होने से भी जाम की स्थिति बन रही थी। लोगों ने पुलिस की व्यवस्था को कोसते हुए कहा कि इससे अच्छा हाल तो पिछले साल ही था।

आज से एनएच-58 हो जाएगा बंद
गाजियाबाद। रविवार से एनएच-58 पर भारी और हल्के वाहनों का आगमन रूट डायवर्जन के तहत पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। दोनों लेन में सिर्फ कावड़िये चल सकेंगे। इसके अलावा नगर क्षेत्र में जीटी रोड पर चौधरी मोड़ से जस्सीपुरा मोड़ तक, नया बस अड्डा और गोशाला तिराहा पर भी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। दिल्ली की ओर से नगर क्षेत्र में आनेवाले हल्के वाहन यूपी गेट-विजयनगर बाईपास से लालकुंआ-स्टील और डासना तिराहे से नगर में प्रवेश करेंगे। और विजयनगर बाईपास होते हुए ही हापुड़-मेरठ और हरिद्वार जाएंगे। शहर के अंदर आने वाले हल्के वाहनों को आवश्यकतानुसार भीड़ की स्थिति को देखते हुए लालकुंआ से चौधरी मोड़, अंबेडकर रोड होते हुए कैलिनवर्थ तक आने दिया जाएगा। जीटी रोड पर चौधरी मोड़ से घंटाघर की ओर जस्सीपुरा मोड़ तक तथा नया बस अड्डा से जस्सीपुरा मोड़ तक और गोशाला तिराहे, हापुड़ तिराहे से किसी भी वाहन को दूधेश्वरनाथ मंदिर की ओर आने जाने नहीं दिया जाएगा। रेलवे स्टेशन रोड, किराना मंडी रमते राम रोड, घंटाघर, बजरिया रोड, दिल्ली गेट, गंदा नाला की तरफ से आने वाले हल्केवाहनों को चौधरी मोड़ होते हुए भेजा जाएगा। इन वाहनों को दूधेश्वर नाथ मंदिर पर नहीं जाने दिया जाएगा।
हजारों यात्रियों का दिल्ली का सफर
कौशांबी बस डिपो से रोजाना यूपी रोडवेज की 147 बसें मेरठ जाती और लौटती हैं। इनमें करीब सात हजार लोग मेरठ से दिल्ली या साहिबाबाद आते हैं। इसके अलावा आनंद विहार से देहरादून या हरिद्वार जाने वाली बसों और डग्गामार वाहनों से भी करीब इतने ही लोग मेरठ आजे-जाते हैं।
मेरठ तिराहे तक भयंकर जाम
शनिवार सुबह से ही मोहन नगर चौक से लेकर मेरठ तिराहे तक ऐसा जाम लगा कि जनता त्राहिमाम कर उठी। इस रूट पर तीन किलोमीटर तक का सफर तय करने में ही लोगों को डेढ़ से दो घंटे का समय लगा। कितने ही लोग आफिस के लिए लेट हो गए। असल में नगर में कांवड़ियों की संख्या शुक्रवार दोपहर से ही बढ़ने लगी थी।
ट्रैफिक व्यवस्था धराशायी
मेरठ रोड से लेकर मोहन नगर चौक तक लगे जाम में ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मी भी कुछ ही देर बाद पेड़ की छांव में आराम फरमाते नजर आए। कुछ पुलिसकर्मी ऐसे भी थे जोकि अधिकारी के आने पर तैनात हो जाते थे और उनके निकलते ही सुस्ताने लगते थे।
पिछले साल अच्छी थी व्यवस्था
जाम की समस्या पर शहरवासियों का कहना है कि कांवड़ के दौरान विगत दो-तीन वर्षों से कभी जाम की समस्या नहीं बनी। पुलिस की व्यवस्था ऐसी रहती थी कि पता ही नहीं चलता था। इस बार पहले ही दिन से पुलिस व्यवस्था पूरी तरह से फेल साबित हो रही है।

रसोई गैस की किल्लत सब्जियां हो गईं महंगी
गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा ने लोगों के घर का बजट बिगाड़ दिया है। शहर में भारी वाहनों का प्रवेश रुकने से जरूरी सामान की आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है। जिसके चलते फलों, सब्जियों और चीनी के दामों में खासा उछाल आया है। लोनी से गैस सिलेंडर के ट्रक भी सीमित संख्या में आ पा रहे हैं। जिस कारण रसोई गैस में 6 से 8 दिनों का बैकलॉग चल रहा है। मेरठ रोड स्थित कई एजेंसियों पर तो ताला लटक गया है। पुरानी सब्जी मंडी के आढ़ती श्रीपाल यादव ने बताया कि शहर में अधिकतर हरी सब्जियां गंगा बेल्ट से आती हैं। इसी रूट पर कांवड़ यात्रा का भी जोर रहता है। छोटे वाहनों से माल लाने के कारण लागत बढ़ी है। ऑल इंडिया एलपीजी फेडरेशन (यूपी) के महासचिव सुधीर निर्वाण ने बताया कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति 50 फीसदी तक प्रभावित हुई है। इस कारण करीब एक सप्ताह का बैकलॉग चल रहा है। 18 जुलाई के बाद स्थिति सुधरेगी। उधर, साहिबाबाद मंडी में बदले रूट से फलों और सब्जियों की आवक कम हो गई है।

चीजों के बढ़े दाम
1 जुलाई 14 जुलाई
लौकी 20 रुपय 40 रुपये
टमाटर 25 रुपये 50 रुपये
तोरी 20 रुपये 30 रुपये
आलू 16 रुपये 20 रुपये
भिंडी 30 रुपये 40 रुपये
पालक 10 रुपये 20 रुपये
चीनी 33 रुपये 35 रुपये
चना दाल 60 रुपये 65 रुपये
अरहर 60 रुपये 65 रुपये
बेसन 65 रुपये 70 रुपये
(दाम फुटकर में प्रतिकिलो के हैं)

पेट्रोल पंपों में डीजल खत्म
वैशाली। कांवड़ यात्रा की वजह से हॉट सिटी के पेट्रोल पंपों में शनिवार को डीजल खत्म हो गया। हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) के तीन पेट्रोल पंपों पर पिछले तीन दिनों से डीजल नहीं पहुंचा है। पंप मैनेजर के मुताबिक उनके पास मेरठ से डीजल आता है लेकिन रूट डायवर्ट होने से डीजल की आपूर्ति बाधित हो रही है। मैनेजर केसी बजाज का कहना था कि मेरठ अधिकारियों से वार्ता जारी है। सोमवार तक डीजल आ जाने की उम्मीद है। यहां आने वाले उपभोक्ता दूसरे पंपों का सहारा ले रहे हैं।
खाद्य पदार्थ अल सुबह
आवश्यक वस्तुओं और खाद्य सामग्री से लदे वाहनों को देर रात और अलसुबह निकाला जाता है। टीआई का कहना है कि ऐसे वाहनों को तब निकाला जाता है, जब मार्ग पर कांवड़ियों की संख्या कम हो।
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