पुरानी बोतल में नई शराब ‘सिटी फारेस्ट’

Ghaziabad Updated Thu, 28 Jun 2012 12:00 PM IST
गाजियाबाद। जीडीए सिटी फारेस्ट के नाम पर हरियाली फैलाने की बात कर रहा है दरअसल वह एक दशक पुरानी योजना है। कान्हा उपवन में इसी योजना के तहत पौधे पहले ही लगाए गए थे। इनमें से कुछ सूख गए थे। इनके स्थान पर ही नए पौधे लगेंगे।
डीएफओ यशपाल मलिक का कहना है कि सिटी फारेस्ट योजना एक दशक पुरानी है। इसके तहत शहरों में हरियाली बढ़ाने का लक्ष्य था। महानगरों में वन क्षेत्र के नाम पर आवंटित स्थानों और सड़कों-नहरों के किनारों पर पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाना प्राथमिकता है।
नगर आयुक्त जितेन्द्र सिंह का कहना है कि कान्हा उपवन की जमीन पर ही खाली जगह में पौधे लगाए जाएंगे। जीडीए से इस संदर्भ में पत्र प्राप्त हो गया है। सिटी फारेस्ट योजना में कोई नया क्षेत्र आवंटित नहीं किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर लैंड वैल्यू चेंज करने का अधिकार निगम या जीडीए के पास नहीं है।

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