अवैध निर्माणों को मिल सकती है राहत

Ghaziabad Updated Wed, 27 Jun 2012 12:00 PM IST
गाजियाबाद। शहर में हजारों की संख्या में बने अवैध निर्माणों को कार्रवाई से राहत मिल सकती है। जीडीए बोर्ड ने इतनी बड़ी संख्या में हुए अवैध निर्माणों पर बीच का रास्ता निकालने पर चर्चा की। बोर्ड ने कुछ शर्तों के साथ अवैध निर्माणों को नियमित करने का फैसला लिया। इस फैसले को अमली जामा पहनाने के लिए जीडीए ने एक कमेटी गठित कर दी है। कमेटी अवैध निर्माणों की स्थिति और बोर्ड के फैसले का अध्ययन कर प्रस्ताव शासन को भेजेगी।
एकल यूनिट पर कई-कई मंजिल तक बने अवैध निर्माणों की सूची जीडीए ने तैयार की है। सूची के मुताबिक शहर के प्रत्येक क्षेत्र में मानकों का उल्लंघन कर अवैध निर्माण किए गए हैं। हजारों की संख्या में हुए अवैध निर्माणों के बारे में जीडीए ने शासन से निर्देश लेने की योजना बनाई है। बोर्ड बैठक में हजारों निर्माणों पर कार्रवाई का मुद्दा उठा। जीडीए बोर्ड ने अवैध निर्माणों की एफएआर सीमा को दोगुना करने का फैसला लिया। यानी स्वीकृत एफएआर से दोगुनी सीमा तक हुए अवैध निर्माणों को 20 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लेने के बाद नियमित किया जाएगा। नियमितीकरण से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजे जाएगा। इस फैसले पर शासन की मंजूरी के बाद भी शहर में सैकड़ों की संख्या में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की तलवार लटकी रहेगी। बिल्डरों ने खेल करके कई-कई गुना तक अवैध निर्माण कर लिया है।

इन पर भी मिली बोर्ड की सहमति
1 डीएम सर्किल रेट के साथ बढ़ेंगे जीडीए सेक्टर रेट
अब जीडीए की कालोनियों के सेक्टर रेट डीएम सर्किल रेट के साथ ही बढ़ जाया करेंगे। बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे पूर्व व्यवस्था में जीडीए को अपनी 28 कालोनियों के सेक्टर में इजाफा करने के लिए हर बार बोर्ड की मंजूरी लेनी होती थी। अब जीडीए को बार-बार सेक्टर रेट बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं बनाना पड़ेगा।
2 जीडीए में नियुक्त हुए दो अधिकारी
अनाधिकृत निर्माण, संपत्तियों के आवंटन व अन्य मामलों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए दावा करने व कई और तरह के अपराधों के खिलाफ जीडीए एफआईआर दर्ज कराता है। कई मामले कोर्ट में भी जाते हैं। ऐसे मामलों की पैरवी राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अभियोजन अधिकारी करता है। कई बार काम की व्यस्तता के कारण प्रभावी पैरवी नहीं हो पाती। इसके लिए जीडीए ने एक सहायक अभियोजन अधिकारी को नियुक्त कर लिया है। इसी प्रकार भू अर्जन के काम में राजस्व विभाग और जिला प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए एक नायाब तहसीलदार की भी नियुक्त की गई है।
3 बढ़ गया वाटर और सीवर रखरखाव का खर्च
जीडीए की कालोनियों में रहने वालों को बुधवार से वाटर और सीवर रखरखाव का बढ़ा शुल्क देना पड़ेगा। 12 वर्षों के बाद जीडीए ने वाटर और सीवर रखरखाव शुल्क में करीब 110 फीसदा का इजाफा कर दिया है। मंजूरी के बाद 100 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बने भवन का शुल्क 152 रुपये प्रतिमाह से बढ़कर 220 रुपये हो गया है।
4 टू बिड सिस्टम पर गठित होगी कमेटी
विचार विमर्श के बाद जीडीए टू बिड सिस्टम को खत्म करेगा। इसके लिए बोर्ड ने कमेटी गठित करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि 500 वर्गमीटर तक की संपत्ति नीलामी के जरिए निस्तारित होगी।
5 सुरक्षा गार्डों के शुल्क में भी हुआ इजाफा
100 वर्गमीटर वाले भूखंड के लिए 200 रुपये की जगह देने होंगे प्रतिमाह 800 रुपये। 300 वर्गमीटर तक के लिए 1200, 500 तक के लिए 1800 और इससे ऊपर के लिए 3000 रुपये प्रतिमाह।

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